Author Topic: वायरस ट्रोजन से ऑनलाइन बैंकिंग को खतरा  (Read 376 times)

sheemar

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विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए खतरा
खतरनाक वायरस ट्रोजन से ऑनलाइन बैंकिंग को खतरा

नई दिल्ली। अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल करते हैं तो आपको सचेत रहने की जरूरत है। इस समय साइबर स्पेस में खतरनाक ट्रोजन नामक वायरस सक्रिय है जो ग्राहकों की गोपनीय जानकारी और पासवर्ड चुरा सकता है। यह वायरस मुख्य रूप से उन बड़े वित्तीय संस्थाओं के ग्राहकों को निशाना बना रहा है, जो माइक्रोसॉफ्ट विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं। इस ट्रोजन वायरस के कई वैरिएंट्स साइबर स्पेस में हैं।
साइबर स्पेस की गतिविधियों पर नजर रखने वाली एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम ऑफ इंडिया (सीईआरटी-इन) ने ताजा सलाह रिपोर्ट में कहा है कि यह वायरस सोशल इंजीनियरिंग या स्पैम मैसेज के जरिए फैल रहा है, जो वित्तीय संस्थाओं से प्राप्त वास्तविक मेल की तरह दिखता है। इन मेल के साथ जिप या पीडीएफ अटैचमेंट होता है। एडोब रीडर के अनपैच्ड वर्जन के जरिए इस वायरस के डाउनलोड होने की संभावना बढ़ जाती है। सीईआरटी-इन ने कहा कि यह वायरस जिप फॉर्मेट वाली फाइल से स्वत: टारगेट कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाता है। सीईआरटी-इन हैकिंग, फिशिंग को रोकने और भारतीय इंटरनेट डोमेन की सुरक्षा के लिए कदम उठाने वाली एक नोडल एजेंसी है। एजेंसी
सिस्टम में ऐसे घुसता है ट्रोजन
बैंक से आए वैध मेल में छिपा रहता है यह वायरस
ट्रोजन वायरस एक अवैध प्रोग्राम है जो खुद को एक वैध प्रोग्राम के रूप में पेश कर दूसरे सिस्टम पर नियंत्रण कर लेता है और बैंक ग्राहकों की ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़ी जानकारियों को चुरा लेता है। इस क्रम में यह ब्राउजर हाइजैंकिंग का इस्तेमाल कर सेक्योर प्रोटेक्शन सेटिंग को दरकिनार कर देता है। एजेंसी का कहना है कि बैंक ग्राहकों को यह स्पैम मेल डाउनलोड करने और जिप फाइल को खोलने के लिए ललचाता है। ऐसा करते ही यह अपना काम शुरू कर देता है।


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