Author Topic: Supreme Court Judgement on Shiksha Mittra  (Read 1031 times)

Gaurav Rathore

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Supreme Court Judgement on Shiksha Mittra
« on: July 25, 2017, 05:59:25 PM »

नहीं हटेंगे UP के 1.72 लाख शिक्षामित्र, TET वालों को राहत
 
देश - India News बड़ी खबर11 mins ago

आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि उत्तरप्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्र नहीं हटाए जाएंगे। लेकिन दो भतिर्यों के अंदर उन्हें परीक्षा पास करनी होगी, इसमें उन्हें अनुभव का भी वेटेज मिलेगा। इसके साथ ही टीइटी वालों को भी राहत दी है।

आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि उत्तरप्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्र नहीं हटाए जाएंगे। लेकिन दो भतिर्यों के अंदर उन्हें परीक्षा पास करनी होगी, इसमें उन्हें अनुभव का भी वेटेज मिलेगा। इसके साथ ही टीइटी वालों को भी राहत दी है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में 1.72 लाख शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजित करना है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ शिक्षामित्र सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। 17 मई को सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मित्रों पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो भी पक्षकार लिखित रूप से अपना पक्ष रखना चाहता है वह एक हफ्ते के भीतर रख सकते हैं।

शिक्षामित्रों की ओर से सलमान खुर्शीद, अमित सिब्बल, नितेश गुप्ता, जयंत भूषण, आरएस सूरी सहित कई वरिष्ठ वकीलों ने अपनी ओर से दलीलें पेश की थी। शिक्षामित्रों की ओर से पेश अधिकतर वकीलों का कहना था कि शिक्षामित्र वर्षों से काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनका भविष्य अधर में है। ऐसे में उन्हें सहायक शिक्षक के तौर पर जारी रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि वह संविधान के अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर शिक्षामित्रों को राहत प्रदान करें।

शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी और टीईटी पास हैं। कई ऐसे हैं जो करीब 10 सालों से काम कर रहे हैं। वहीं शिक्षामित्रों की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह कहना गलत है कि शिक्षामित्रों को नियमित किया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति हुई है। वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए स्कीम के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्ति हुई थी। लेकिन ये नियुक्ति गलत ढंग से हुई है।

क्या है मामला
गौरतलब है कि 12 सिंतबर 2015 को हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के करीब 1.72 लाख शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन को निरस्त कर दिया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
« Last Edit: July 25, 2017, 06:01:18 PM by Gaurav Rathore »

Gaurav Rathore

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Re: Supreme Court Judgement on Shiksha Mittra
« Reply #1 on: July 25, 2017, 09:20:49 PM »


*शिक्षा मित्रों पर आया सुप्रीमकोर्ट का सकारात्मक आदेश*
*आदेश से 1 लाख 72 शिक्षामित्रों को मिली राहत*
नई दिल्ली/आगरा। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को लेकर सकारात्मक आदेश जारी किया है। दोपहर दो बजे बाद दिए इस आदेश में शिक्षा मित्रों (अनुबंधित शिक्षकों) का समायोजन बना रखने का आदेश जारी किया है।बैंच ने टिप्पणी करते हुए बताया कि हम किसी के चयन को प्रभावित नहीं करेंगे और ना ही किसी का चयन निरस्त करेंगे।
शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत देते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये शिक्षा मित्रों के लिए समायोजन है, लेकिन शिक्षा मित्रों को राज्य पात्रता पास करना आवश्यक होगा इसके लिए शिक्षा मित्रों को राज्य दो अवसर प्रदान करे। इसके साथ साथ राज्य सरकार को भी निर्देशित किया गया है कि किसी का चयन अवैध न ठहराया जाए।इस फैसले से सभी शिक्षा मित्रों के चेहरे पर खुशी के भाव है।

Baljit NABHA

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Re: Supreme Court Judgement on Shiksha Mittra
« Reply #2 on: July 26, 2017, 09:30:27 AM »

Baljit NABHA

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Re: Supreme Court Judgement on Shiksha Mittra
« Reply #3 on: July 28, 2017, 04:25:15 AM »
सुप्रीम कोर्ट का फैसला-शिक्षा मित्रों को नहीं माना जा सकता सहायक शिक्षक
 July 27, 2017 Davinder Singh  0 Comments assistant teacher, Supreme Court decision- Education can not be treated to friends, Teacher approved to remain 72 thousand assistant teacher
-टीईटी करने वाले 72 हजार सहायक शिक्षक बने रहने की मिली मंजूरी
शिक्षा फोक्स, दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्रों के सहायक शिक्षकों के तौर पर फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने श‍िक्षामित्रों को राहत देने से इनकार कर दिया है, हालांकि कोर्ट ने कहा है कि एक लाख 38 हजार शिक्षा मित्र बने रहेंगे। इसके साथ ही जो 72 हजार सहायक शिक्षक जो शिक्षक बन गए हैं यानी बीए और टीईटी करके वो अपने पद पर रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे शिक्षामित्रों को 2 मौके मिलेंगे टीईटी पास करने के लिए, जिनका सहायक शिक्षकों के तौर पर समायोजन हुआ था। इसके साथ ही शिक्षामित्रों को उम्र के नियमों में छूट मिलेगी। इसके पहले उत्तर प्रदेश के 1.72 लाख शिक्षामित्रों के सहायक शिक्षकों के तौर पर समायोजन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उल्‍लेखनीय है कि 12 सिंतबर 2015 को हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के करीब 1.72 लाख शिक्षामित्रों का सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन को निरस्त कर दिया था। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। शिक्षामित्रों की ओर से सलमान खुर्शीद, अमित सिब्बल, नितेश गुप्ता, जयंत भूषण, आरएस सूरी सहित कई वरिष्ठ वकीलों ने अपनी ओर से दलीलें पेश की। शिक्षामित्रों की ओर से पेश अधिकतर वकीलों का कहना था कि शिक्षामित्र वर्षों से काम कर रहे हैं, वे अधर में हैं। लिहाजा, मानवीय आधार पर सहायक शिक्षक के तौर पर शिक्षामित्रों के समायोजन को जारी रखा जाए। साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई कि वह संविधान के अनुच्छेद-142 का इस्तेमाल कर शिक्षामित्रों को राहत प्रदान करें।
वरिष्ठ वकील नितेश गुप्ता ने कहा कि सहायक शिक्षक बने करीब 22 हजार शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनके पास वांछनीय योग्यता है, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि ये शिक्षामित्र स्नातक बीटीसी और टीईटी पास हैं। ये सभी करीब 10 सालों से काम कर रहे हैं।
वहीं शिक्षामित्रों की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह कहना गलत है कि शिक्षामित्रों को नियमित किया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षकों के रूप में उनकी नियुक्ति हुई है। वकीलों का कहना था कि राज्य में शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखते हुए स्कीम के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्ति हुई थी। उनकी नियुक्ति पिछले दरवाजे से नहीं हुई थी। शिक्षामित्र पढ़ाना जानते हैं, उनके पास अनुभव है, वे वर्षों से पढ़ा रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव में उनके साथ मानवीय रवैया अपनाया जाना चाहिए।

Baljit NABHA

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Re: Supreme Court Judgement on Shiksha Mittra
« Reply #4 on: July 28, 2017, 05:58:28 PM »

 

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