Author Topic: बीस लाख तक ग्रैच्युटी टैक्स फ्री  (Read 923 times)

sheemar

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« Last Edit: July 10, 2017, 03:38:48 PM by Baljit NABHA »

Baljit NABHA

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टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी की सीमा दोगुनी बढ़कर हो सकती है 20 लाख

17 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र में पेश हा़े सकता है विधेयक
पारित होने पर निजी क्षेत्र के कर्मियों को होगा फायदा, इनके लिए अभी यह सीमा है 10 लाख
एजेंसी|नईदिल्ली
निजीक्षेत्र के कर्मचारियों की टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी की सीमा बढ़कर दोगुनी हो सकती है। इसकी मौजूदा सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने से संबंधित विधेयक संसद के मॉनसून सत्र में पेश किया जा सकता है। विधेयक में ग्रेच्युटी भुगतान कानून में संशोधन का प्रस्ताव है। इसके पारित होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी रिटायरमेंट के वक्त ग्रेच्युटी का पैसा अधिक मिलेगा। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालांकि इससे संबंधित मसौदा विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी बाकी है। कैबिनेट की हरी झंडी के बाद इस विधेयक को 17 जुलाई से शुरू होने जा रहे संसद के माॅनसून सत्र में रखा जा सकता है।
दत्तात्रेय ने बताया कि ग्रेच्युटी भुगतान कानून में प्रस्तावित संशोधन के तहत धारा 4 (तीन) के तहत अधिकतम राशि की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गई है। कानून में संशोधन के बाद संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी 20 लाख कर टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी के पात्र होंगे। इससे पहले फरवरी में केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने श्रम मंत्रालय के साथ त्रिपक्षीय विचार-विमर्श में इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। हालांकि यूनियनों ने ग्रेच्युटी भुगतान के लिए न्यूनतम पांच साल की सर्विस और कम-से-कम 10 कर्मचारी होने की शर्त को हटाने की मांग की है। फिलहाल ग्रेच्युटी भुगतान कानून के तहत कर्मचारी को ग्रेच्युटी के लिए न्यूनतम पांच साल की सर्विस जरूरी है। साथ ही कानून उन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जहां कर्मचारियों की संख्या 10 से कम नहीं हैं।
सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों के लिए टैक्स-फ्री ग्रेच्युटी की सीमा बढ़कर 20 लाख हो गई है। इसका नोटिफिकेशन 25 जुलाई 2016 को जारी हुआ था और टैक्स-ग्रेच्युटी की बढ़ी सीमा 1 जनवरी 2016 से प्रभावी है। लेकिन निजी क्षेत्र में काम करने वालों के लिए यह सीमा अभी 10 लाख ही है। श्रमिक संगठन लंबे समय से इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की मांग कर रहे हैं। ट्रेड यूनियनों ने मांग की है कि अधिकतम राशि के संदर्भ में संशोधित प्रावधान एक जनवरी 2016 से प्रभावी हो, जैसा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मामले में किया गया है।
5 साल की सर्विस जरूरी
निजीक्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी 5 साल की नौकरी के बाद ग्रेच्युटी के पात्र हो जाते हैं। रिटायरमेंट के वक्त जो बेसिक सैलरी होती है उसी हिसाब से हर साल के लिए करीब आधे महीने की सैलरी बतौर ग्रेच्युटी मिलती है। जाहिर है टैक्स-ग्रेच्युटी की सीमा बढ़कर 20 लाख रुपए होती है तो इसका फायदा निजी क्षेत्र में काम कर रहे करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा।

 

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