Author Topic: नहीं बढ़ेगा बस्ते का बोझ  (Read 157 times)

sheemar

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नहीं बढ़ेगा बस्ते का बोझ
« on: August 21, 2017, 06:39:19 AM »

अब परीक्षाओं के हिसाब से बनेंगी किताबें, नहीं बढ़ेगा बस्ते का बोझ

यूनिवर्सल स्क्रीनिंग प्रोग्राम लॉन्च होगा

30 साल से ज्यादा उम्र वालों की फ्री में होगी डायबिटीज, बीपी और कैंसर की जांच

2018 से नो डिटेंशन पॉलिसी पर रोक; 5वीं, 8वीं में फेल होंगे स्टूडेंट

आप और आपके परिवार से जुड़ी दो खबरें
एसके गुप्ता, नई दिल्ली | स्कूलीबच्चों के बैग में बढ़ते किताबी बोझ काे कम करने के लिए केंद्र अब नई योजना ला रहा है। इसके तहत परीक्षाओं के हिसाब से किताबें बनाई जाएंगी। यानि तिमाही, अर्द्ध वार्षिकी और वार्षिकी। इससे किताबों का साइज छोटा हाेगा। अलग विषयों के चैप्टर इसमें जोड़ दिए जाएंगे। इससे केवल किताबों का वजन घटेगा, बल्कि स्टूडेंट परीक्षा फोकस जितना पढ़ना-समझना है, उतनी ही किताबें स्कूल जा सकेंगे। यह बातें केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि देशभर के स्कूलों में 11.09 लाख टीचर अनट्रेंड हैंं। अब इन्हें ट्रेंड करने के लिए दो साल का लक्ष्य निर्धारित हुआ है। टीचरों को एक अक्टूबर से जून तक ऑनलाइन क्लासेस स्वयंप्रभा चैनल के माध्यम से दी जाएंगी। अनट्रेंड टीचर्स को 1080 घंटे का अध्ययन अनिवार्य है।
शिमला | केंद्रसरकार यूनिवर्सल स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत 30 साल की उम्र के बाद ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ कैंसर (सिविक्स, ब्रेस्ट ओरल) की फ्री जांच इलाज की व्यवस्था होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रविवार को बिलासपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात कही। नड्डा ने कहा कि मौजूद परिवेश में विभिन्न कारणों के चलते कम उम्र में ही बीमारियां दस्तक देने लगती हैं। इनका पता चलने तक अमूमन बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है। यूनिवर्सल स्क्रीनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य यह है कि यदि जांच में ऐसी किसी भी बीमारी के लक्षण नजर आएं तो प्रारंभिक स्तर पर ही उसका उपचार किया जा सके। इस साल उक्त प्रोग्राम देश के 100 जिलों में चलाया जाएगा। इनमें हिमाचल के कुछ जिले भी शामिल हैं। इसके लिए ट्रेनिंग दी जा रही है।
{देश के 11.9 लाख अनट्रेंड टीचर्स को सरकार देगी ट्रेनिंग
जावड़ेकर ने कहा कि नो डिटेंशन पॉलिसी खत्म की जाएगी। इसे खत्म करने पर राय मांगी गई थी। 25 राज्यों ने इसे खत्म करने का समर्थन किया। यह बिल पास हो गया है। अब अगले सत्र से 5वीं और 8 वीं कक्षा में अच्छा परफोर्म करने वाले स्टूडेंट फेल होंगे। इससे स्टूडेंट्स में विषय के प्रति समझ बढ़ेगी। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरेगी।

 

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