Author Topic: SC की छात्राओं के लिए स्कूल बनवाएगा केंद्र  (Read 254 times)

sheemar

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अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए स्कूल बनवाएगा केंद्र
नवभारत टाइम्स | Updated: Jun 25, 2017
अनुसूचित जाति की छात्राओं का ड्रॉपआउट रोकने के लिए केंद्र सरकार नए आवासीय स्कूल खोलेगी। इन स्कूलों की 70 फीसदी सीटें उन अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए आरक्षित होंगी जिनकी पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये सालाना से कम होगी। इसके अलावा बाकी 30 प्रतिशत सीटें बीपीएल कैटिगरी की दूसरी छात्राओं के लिए होंगी। ये स्कूल सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अनुदान से चलाए जाएंगे और प्रदेश में इनका संचालन समाज कल्याण विभाग करेगा।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की सचिव जी़ लता कृष्णा राव की तरफ से इस संबंध में मुख्य सचिव राहुल भटनागर के पास पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार की इस योजना को विशेष तरजीह दी जाए और तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। कक्षा छह से 12 तक के ये आवासीय स्कूल शैक्षिक रूप से पिछड़े हुए जिलों में खोले जाएंगे और इन्हें ऐसी जगह पर खोला जाएगा जहां अनुसूचित जाति की जनसंख्या अधिक होगी।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार पैसा देगी लेकिन जमीन की व्यवस्था प्रदेश सरकार को करनी होगी। हर स्कूल 15 से 20 एकड़ में बनेगा। यह जमीन प्रदेश सरकार को निशुल्क मुहैया करवानी होगी। बिल्डिंग बनने तक ये स्कूल किसी किराए के मकान में भी संचालित किए जा सकेंगे। परियोजना के मुताबिक प्रदेश सरकार ही भवन बनाने के लिए अधिकृत होगी। शुरुआती तीन साल तो केंद्र सरकार स्कूल चलाने के लिए फंड मुहैया करवाएगी और इसके बाद प्रदेश सरकार को खुद ही इसके इंतजाम करने होंगे। स्कूल के भवन निर्माण से लेकर शिक्षकों की तैनाती तक प्रदेश सरकार को ही करनी होगी।

इसके लिए सरकार ने यह गाइडलाइंस भी दी हैं जिसके तहत इस योजना के लिए स्कूल शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्लॉकों में ही खोले जाएंगे। इसके साथ ही एक प्रदेश में अधिकतम पांच ही स्कूल खोले जाएंगे। ये पांचों स्कूल प्रदेश की अधिकतम अनुसूचित जाति जनसंख्या वाले जिलों में खोले जाएंगे। सरकार ने यह भी कहा है कि हर कक्षा में केवल 60 छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा जिसमें 30-30 छात्राओं के दो सेक्शन होंगे।
« Last Edit: June 25, 2017, 06:27:41 PM by sheemar »