Author Topic: Hindi Poetry  (Read 9948 times)

SHANDAL

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 35512
  • Gender: Male
  • English
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #20 on: June 01, 2015, 05:28:34 AM »

SHANDAL

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 35512
  • Gender: Male
  • English
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #21 on: June 01, 2015, 08:59:59 AM »

SHANDAL

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 35512
  • Gender: Male
  • English
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #22 on: June 02, 2015, 04:49:33 AM »

sheemar

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 16838
  • Gender: Male
    • View Profile
    • Email
Re: Hindi Poetry
« Reply #23 on: June 02, 2015, 02:30:21 PM »
अर्ज़ किया है
चराग़ जलाना तो पुरानी रस्में हैं, फ़राज़

अब तो तेरे शहर के लोग इंसान जला देते हैं

- अहमद फ़राज़



चराग़ कल भी थे रौशन, मगर उजाला था

चराग़ आज भी हैं रौशन, मगर अंधेरा है

- एजाज़ सिद्दीक़ी



चराग़ बन के जला जिसके वास्ते इक उम्र

चला गया वो हवा के सुपुर्द करके मुझे

सुपुर्द करना : हवाले करना

- जमाल एह्सानी



चाहत का जब मज़ा है, कि वो भी हों बेक़रार

दोनों तरफ़ हो आग, बराबर लगी हुई

- ज़हीर देहलवी



चाहत पे कभी बस नहीं चलता है किसी का

लग जाती है ये आग, लगाई नहीं जाती

- हसन रिज़वी



चुकानी पड़ती है क़ीमत सफ़ेद-पोशी की

किसी का ऐब, यहां पर छुपा नहीं करता

सफ़ेद-पोशी : भला दिखना

- रईस सिद्दीक़ी



चढ़ते सूरज के पुजारी ये कभी सोचा भी है

डूबना जिसका मुक़द्दर, उससे यारी कब तलक

- मज़हर मुहियुद्दीन



चार पैसों के लिए काट के जंगल, इन्सां

कितने मासूम परिंदों को सज़ा देते हैं

- एस. एम. अक़ील



चीख़ें हैं और सहेन में बारूद का ग़ुबार

आई है जंग से किसी बेटे की लाश फिर

सहेन : आंगन

- हमीरा रहमान



चेहरे के सारे ऐब छिपाने के वास्ते

आईना अपने घर का मुझे तोड़ना पड़ा

- वक़ार रियाज़



चेहरों पर लिए फिरते हो क़ब्रों की उदासी

कंधे पे उठाए हुए उम्मीद का लाशा

लाशा : लाश

- नसीर अहमद नसीर



चेहरे पे सारे शहर के गर्द-ए-मलाल है

जो दिल का हाल, वही दिल्ली का हाल है

- मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद



चार दिन की है ये दुनिया, तो ज़रूरी है, मियां

एक इंसान से इंसान, ठिकाने से मिले

ठिकाने से मिलना : प्रेम से मिलना

- कैफ़ भोपाली

sheemar

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 16838
  • Gender: Male
    • View Profile
    • Email
Re: Hindi Poetry
« Reply #24 on: June 02, 2015, 02:34:32 PM »
 अर्ज़ किया है
जिस ग़म में मर रहे थे, वो ग़म ही न रहा

अफ़सोस मरकर देखा के जीना है क्या अबस!

अबस : बेकार

- मोमिन खां मोमिन



जाते हैं कू-ए-यार को, इसमें जो हो, सो हो

ऐ 'ज़ौक़', आज़माते हैं आज हम अपना नसीब

कू-ए-यार : दोस्त की गली

- ज़ौक़



जम्हूरियत एक तर्ज़े हुकूमत है के जिस में

बन्दों को गिना करते हैं, तौला नहीं करते

जम्हूरियत : डेमोक्रेसी, तर्ज़ : तरीक़ा

- इक़बाल



जब भी आता है मेरा नाम तेरे नाम के साथ

जाने क्यूं लोग मेरे नाम से जल जाते हैं

- क़तील शिफ़ाई



जिसने इस दौर के इंसान किए हैं पैदा

वही मेरा भी ख़ुदा हो, मुझे मंज़ूर नहीं

- हफ़ीज़ जालंधरी



जवान बेटी को डोली न दे सका मुफ़लिस

सरहाने क़ब्र के, मेहंदी की पत्तियां रख दे

मुफ़लिस : ग़रीब

- नसीम निकहत



जाते हो ख़ुदा हाफ़िज़, हां इतनी गुज़ारिश है

जब याद हम आ जाएं, मिलने की दुआ करना

- जलील मानकपुरी



जिसको दुनिया की हक़ीक़त का पता होता है

उसके जीने का सलीक़ा ही जुदा होता है

- बेदिल सरहदी



जो नए ढंग से लफ़्ज़ों को रवानी देगा

वो ज़माने को अनोखी सी कहानी देगा

- रफ़ीक़ आरिफ़



जो कुछ हुआ, वो कैसे हुआ, जानता हूं मैं

जो कुछ नहीं हुआ, वो बता क्यूं नहीं हुआ

- इरफ़ान सिद्दीक़ी



जवाज़ ढूंढ रहा था नई मोहब्बत का

वो कह रहा था के मैं उसको भूल जाऊंगी

जवाज़ : बहाना

- परवीन शाकिर



जज़्बा औरों से जुदा होने का

फूल सैहरा में खिला सकता है

सैहरा : रेगिस्तान

- रईस सिद्दीक़ी



जो भी दरिया की तरह शोर मचाता है, 'निज़ाम'

वो मेरे साथ चले और समंदर देखे

- सुहैल निज़ाम

sheemar

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 16838
  • Gender: Male
    • View Profile
    • Email
Re: Hindi Poetry
« Reply #25 on: June 02, 2015, 03:09:02 PM »

SHANDAL

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 35512
  • Gender: Male
  • English
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #26 on: June 03, 2015, 06:32:23 AM »

PATIALA CITY

  • News Caster
  • *****
  • Offline
  • Posts: 5321
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #27 on: June 03, 2015, 01:07:21 PM »
nice one

PATIALA CITY

  • News Caster
  • *****
  • Offline
  • Posts: 5321
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #28 on: June 03, 2015, 01:08:10 PM »
wah kya baat hai

SHANDAL

  • News Editor
  • *****
  • Offline
  • Posts: 35512
  • Gender: Male
  • English
    • View Profile
Re: Hindi Poetry
« Reply #29 on: June 04, 2015, 05:31:57 AM »

 

GoogleTagged



punjabi poetry (ਬਾਬੂ ਰਾਜਬ ਅਲੀ ਜੀ )

Started by GURSHARAN NATT

Replies: 259
Views: 28422
Last post October 27, 2013, 08:02:31 PM
by GURSHARAN NATT
Punjabi Poetry- Roh 'TE Muskan-- Kaka Gill

Started by R S Sidhu

Replies: 108
Views: 13929
Last post February 29, 2012, 09:20:21 PM
by R S Sidhu
Punjabi Poetry

Started by <--Jack-->

Replies: 492
Views: 92793
Last post July 03, 2017, 05:33:30 PM
by anshika154