Author Topic: Funny Poems  (Read 12142 times)

R S Sidhu

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Re: Funny Poems
« Reply #10 on: January 31, 2012, 07:06:16 PM »
Shaadi to Pehle

Takdeer hai par kismat nahi khuldi

Taj mahal bana-na chan-da han

Par Mumtaz nahi mildi....

Shaadi to baad

Takdeer hai par kismat nahi khuldi

Taj mahal bana-na chan-da haan

Par Mumtaz nahi mardi....


vineysharma

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Re: Funny Poems
« Reply #11 on: August 05, 2012, 10:23:12 AM »
"Don't laugh at me/
don't call me names/.

Don't get your pleasure
from my pain/.

In God's eyes/
we're all the same/.

Someday we'll all have
perfect wings./

Don't laugh at me./

SHANDAL

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Re: Funny Poems
« Reply #12 on: November 30, 2012, 08:17:11 AM »
भूतपूर्व हंसी  (From Dainik Tribune)
 
ज्यों-ज्यों दफ्तर में
 उनका ओहदा बढ़ता गया,
 गंभीरता का चश्मा
 उनके चेहरे पर चढ़ता गया।
 नौकरी में नए-नए आए थे
 तो लगाते थे
 बात-बात पर ठहाके,
 लेकिन अब लगता है जैसे
 बैठे हों किसी मातम पर।
 हर ऊंची कुर्सी ने
 उनकी हंसी छीन ली है,
 लगता है जैसे उ न्होंने
 दु:ख की कीलें बीन ली हैं।
                                       -हरीश कुमार अमित
« Last Edit: December 01, 2012, 06:44:13 AM by SHANDAL »

SHANDAL

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Re: Funny Poems
« Reply #13 on: November 30, 2012, 08:23:09 AM »
ज्ञान-ध्यान
 
एक आदमी
 जिसने कभी कोई किताब नहीं पढ़ी
 मुझे सिखा रहा है बहुत कुछ।
 एक आदमी
 जिसने कभी कोई पढऩा नहीं सीखा
 मुझे सिखा रहा है बहुत कुछ।
 एक आदमी
 जिसने कभी कोई धर्म-ध्यान नहीं किया
 ज्ञानियों-ध्यानियों से ज्ञान-ध्यान नहीं लिया
 मुझे सिखा रहा है बहुत कुछ।
 एक आदमी
 जिसने कभी कोई लडऩा नहीं सीखा
 मुझे सिखा रहा है बहुत कुछ।
 एक आदमी
 जिसने कभी कोई शहर नहीं छोड़ा
 मुझे सिखा रहा है बहुत कुछ।
 एक आदमी
 जिसने कभी कोई कानून नहीं तोड़ा
 मुझे सिखा रहा है बहुत कुछ।
 -राजकुमार कुम्भज

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Re: Funny Poems
« Reply #14 on: December 01, 2012, 06:37:24 AM »
क्या याद रहा और क्या भूल गये
 
कुत्ते को घुमाना याद रहा और गाय की रोटी भूल गये।
 पार्लर का रास्ता याद रहा और लम्बी चोटी भूल गये।।
 
फ्रीज-कूलर याद रहा, पानी का मटका भूल गये।
 रिमोट तो हमको याद रहा, बिजली का खटका भूल गये॥
 
बिसलेरी पानी याद रहा, पर प्याऊ का पानी भूल गये।
 टीवी सीरियल याद रहे, पर घर की कहानी भूल गये।
 
हैलो हाय तो याद रही, पर नम्र प्रणाम भूल गये।
 हिल स्टेशन याद रहे, पर चारों धाम को भूल गये॥
 
अंकल आंटी याद रहे, पर चाचा मामा भूल गये।
 वरमूडा तो याद रहा, पर फुल पाजामा भूल गये॥
 
दोस्त यार सब याद रहे, पर सगे भाई को भूल गये।
 साली का जन्मदिन याद रहा, पर मां की दवाई भूल गये॥
                                                                               " अशोक गंगवाल

SHANDAL

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Re: Funny Poems
« Reply #15 on: December 01, 2012, 06:38:12 AM »
अच्छा नहीं लगता
 
बुजुर्गों को नया जमाना,
 अच्छा नहीं लगता।
 बात-बे-बात बहाना बनाना,
 अच्छा नहीं लगता।
 कभी कमजोर को सताना,
 अच्छा नहीं लगता।
 सदा सबको चूना लगाना,
 अच्छा नहीं लगता।
 कहे भारती अपना बेटा,
 जब हो जाए सयाना,
 दुल्हन ही दहेज बताना,
 अच्छा नहीं लगता।
                                                    -भूपसिंह भारती

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Re: Funny Poems
« Reply #16 on: December 01, 2012, 06:38:54 AM »
आदमी काम पर था
 
आदमी काम पर था
 हर बार की तरह आदमी काम पर है
 सड़कों पर गड्ढे हैं पूर्ववत्
 राजनीति मेें मतभेद हंै पूर्ववत्
 दाल में नमक कम है पूर्ववत्
 आदमी काम पर था।
                       

                                   -राजकुमार कुम्भज

« Last Edit: December 01, 2012, 06:42:27 AM by SHANDAL »

vineysharma

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Re: Funny Poems
« Reply #17 on: December 01, 2012, 03:13:37 PM »
भूतपूर्व हंसी  (From Dainik Tribune)
 
ज्यों-ज्यों दफ्तर में
 उनका ओहदा बढ़ता गया,
 गंभीरता का चश्मा
 उनके चेहरे पर चढ़ता गया।
 नौकरी में नए-नए आए थे
 तो लगाते थे
 बात-बात पर ठहाके,
 लेकिन अब लगता है जैसे
 बैठे हों किसी मातम पर।
 हर ऊंची कुर्सी ने
 उनकी हंसी छीन ली है,
 लगता है जैसे उ न्होंने
 दु:ख की कीलें बीन ली हैं।
                                       -हरीश कुमार अमित
Sarcastic poem.......

vineysharma

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Re: Funny Poems
« Reply #18 on: December 01, 2012, 03:15:04 PM »
अच्छा नहीं लगता
 
बुजुर्गों को नया जमाना,
 अच्छा नहीं लगता।
 बात-बे-बात बहाना बनाना,
 अच्छा नहीं लगता।
 कभी कमजोर को सताना,
 अच्छा नहीं लगता।
 सदा सबको चूना लगाना,
 अच्छा नहीं लगता।
 कहे भारती अपना बेटा,
 जब हो जाए सयाना,
 दुल्हन ही दहेज बताना,
 अच्छा नहीं लगता।
                                                    -भूपसिंह भारती
Double standard of life.......definitely morality lapses when it comes the turn of the self........

vineysharma

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Re: Funny Poems
« Reply #19 on: December 01, 2012, 03:16:35 PM »
दिन में तारे
 
बीवी के आगे मियां जी हारे,
 दिखा देती जो दिन में तारे।
 कौन होगा भाई, कौन रिश्तेदार,
 फैसले ये बीवी करती सारे।
 वो कहे तो मीठा है मीठा,
 वरना सब संबंध हैं खारे।
 मियां बेचारा चाहे मेल-जोल बढ़ाना,
 पत्नी इन बातों को है टारे।
 पुरुष यदि हंसने की हिम्मत जुटाता,
 पर स्त्री के नखरे हैं न्यारे।
 कोई कहे पुरुष प्रधान है समाज,
 लेकिन हम तो कहते केवल हैं लारे॥
                                                   -महासिंह श्योरान
Kucchh batein openly kehni ghaatak ho skti hain......

 

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