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Teachers News / Re: Morning News Nov.21,2017
« Last post by SHANDAL on Today at 02:41:15 AM »
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Teachers News / Morning News Nov.21,2017
« Last post by SHANDAL on Today at 02:39:00 AM »
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India Talks / Re: " PADMAVATI" Crisis
« Last post by Baljit NABHA on November 20, 2017, 07:51:46 PM »
'Padmavati' row: SC rejects plea seeking deletion of 'objectionable' scenes
20 Nov 2017 | 6:58 PM
NEW DELHI: The Supreme Court on Monday dismissed a petition seeking deletion of certain alleged objectionable scenes from Bollywood movie ‘Padmavati’, calling it “premature”. The Bench also struck off certain paragraphs from the plea, saying pleadings in a court “are not meant to create any kind of disharmony in society”.
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Teachers News / Re: Evening News 20-11-17
« Last post by Baljit NABHA on November 20, 2017, 07:50:09 PM »
'Padmavati' row: SC rejects plea seeking deletion of 'objectionable' scenes
20 Nov 2017 | 6:58 PM
NEW DELHI: The Supreme Court on Monday dismissed a petition seeking deletion of certain alleged objectionable scenes from Bollywood movie ‘Padmavati’, calling it “premature”. The Bench also struck off certain paragraphs from the plea, saying pleadings in a court “are not meant to create any kind of disharmony in society”.
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Teachers News / Re: Prime Time News 20 /11/17
« Last post by Baljit NABHA on November 20, 2017, 07:42:58 PM »
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Students Corner / Re: Meritorious Schools in Punjab
« Last post by Baljit NABHA on November 20, 2017, 07:40:37 PM »
ਛੇੜਛਾੜ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਹੇਠ ਸੰਗਰੂਰ ਮੈਰੀਟੋਰੀਅਸ ਸਕੂਲ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਨੂੰ ਆਹੁਦੇ ਤੋਂ ਹਟਾਇਆ
ਸਕੂਲ ਦਾ ਚਾਰਜ ਵਾਇਸ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਦੀਪਕਾ ਰਾਣੀ ਦੇ ਹਵਾਲੇ
ਸਿੱਖਿਆ ਫੋਕਸ, ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ। ਸਰਕਾਰੀ ਮੈਰੀਟੋਰੀਅਲ ਸਕੂਲ ਘਾਬਦਾ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਨੂੰ ਉਸ ਦੇ ਆਹੁਦੇ ਤੋਂ ਹਟਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਦਫਤਰ ਵਿਖੇ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਰਿਪੋਰਟ ਵਿੱਚ ਸਰੀਰਕ ਛੇੜਛਾੜ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੇ ਸੰਕੇਤ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਹ ਫੈਸਲਾ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਸੰਗਰੂਰ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਵਿੰਗ ਕਮਾਂਡਰ ਸੀ. ਦੀਪਕ ਡੋਗਰਾ (ਸੇਵਾ ਮੁਕਤ) ਵਿਰੁੱਧ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਨ ਲਈ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਸਨ। ਆਪਣੀ ਰਿਪੋਰਟ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੂੰ ਬਾਰਵੀਂ ਜਮਾਤ ਦੀਆਂ ਦੋ ਲੜਕੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲਾਏ ਗਏ ਛੇੜਛਾੜ ਦੇ ਦੋਸ਼ਾਂ ਦੇ ਸਬੰਧ ਵਿੱਚ ਸਬੂਤ ਪ੍ਰਾਪਤ ਹੋਏ ਹਨ।
ਇਹ ਰਿਪੋਰਟ ਪੇਸ਼ ਕੀਤੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਇਸ ‘ਤੇ ਕਾਰਵਾਈ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸੋਸਾਇਟੀ ਫਾਰ ਪ੍ਰਮੋਸ਼ਨ ਆਫ ਕੁਆਲਟੀ ਐਜੂਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰ ਪੁਅਰ ਐਂਡ ਮੈਰੀਟੋਰੀਅਸ ਸਟੂਡੈਂਟ ਆਫ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਨਿਰਦੇਸ਼ ਦਿੱਤੇ ਕਿ ਉਹ ਤੁਰੰਤ ਪ੍ਰਭਾਵ ਤੋਂ ਡੋਗਰਾ ਨੂੰ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਦੇ ਚਾਰਜ ਤੋਂ ਲਾਂਭੇ ਕਰੇ। ਉਸ ਨੂੰ ਆਪਣਾ ਚਾਰਜ ਵਾਇਸ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਦੀਪਕਾ ਰਾਣੀ ਹਵਾਲੇ ਕਰਨ ਲਈ ਆਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਡਾਇਰੈਕਟਰ, ਸੋਸਾਇਟੀ ਫਾਰ ਪ੍ਰਮੋਸ਼ਨ ਆਫ ਕੁਆਲਟੀ ਐਜੂਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰ ਪੁਅਰ ਐਂਡ ਮੈਰੀਟੋਰੀਅਸ ਸਟੂਡੈਂਟ ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਰਿਪੋਰਟ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ।
ਦੋਸ਼ੀ ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਵਿਰੁੱਧ ਇੰਡੀਅਨ ਪੀਨਲ ਕੋਡ ਦੀ ਧਾਰਾ 354-ਏ (ਸਰੀਰਕ ਛੇੜਛਾੜ) ਅਤੇ ਪ੍ਰੋਟੈਕਸ਼ਨ ਆਫ ਚਿਲਡਰਨ ਫਾਰ ਸੈਕਸੂਅਲ ਓਫੈਂਸ ਐਕਟ (ਪੋਕਸੋ) ਦੇ ਹੇਠ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ।
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Teachers News / Re: Prime Time News 20 /11/17
« Last post by Gaurav Rathore on November 20, 2017, 06:51:59 PM »
CBSE का सर्कुलर: एनसीईआरटी की बुक्स बेच सकते हैं स्कूलों से, प्राइवेट ने कहा ये

चंडीगढ़. शहर के प्राइवेट स्कूलों में एंट्री लेवल की क्लासेज की एडमिशन के दौरान स्कूलों में टकशॉप खुलेंगी या नहीं, इस पर असमंजस बरकरार है। बीते वीरवार को इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन के तहत प्राइवेट स्कूलों के साथ एजुकेशन सेक्रेटरी बीएल शर्मा की मीटिंग में एसोसिएशन ने दावा किया था कि सीबीएसई ने दुकान खोलने के लिए सर्कुलर जारी कर दिया है इसलिए वह इन दुकानों को खोलना चाहते हैं। यह सर्कुलर एजुकेशन डिपार्टमेंट को अभी तक मिल नहीं पाया है इसलिए कोई फैसला नहीं लिया गया। भास्कर ने सीबीएसई के उस सर्कुलर की कॉपी को हासिल किया अौर इससे यह साफ हो रहा है कि शॉप को खोलने की इजाजत तो है लेकिन सिर्फ एनसीईआरटी बुक्स व स्टेशनरी के लिए।
प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स को बेचा नहीं जा सकता
प्राइवेट स्कूल असलियत में टकशॉप से प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स को बेचना चाहते हैं। इसलिए मीटिंग में भी यही बात कही गई लेकिन इस सर्कुलर की असलियत कुछ और ही है। 24 अगस्त 2017 को सीबीएसई की ओर से जारी किए गए सर्कुलर में लिखा गया है कि वर्ष 2018-19 के एकेडेमिक सेशन में स्कूल एनसीईआरटी बुक्स को लेने के लिए सीधे एनसीईआरटी की वेबसाइट पर बुक्स के लिए इनटेंट भरें। इनटेंट के तहत आने वाली एनसीईआरटी की बुक्स को स्टूडेंट्स तक पहुंचाने के लिए स्कूल में टकशॉप खोली जा सकती है। इस टकशॉप से स्टेशनरी और अन्य मेटीरियल को बेचा जा सकता है। इस सर्कुलर में ऐसा कहीं नहीं कहा गया है कि दुकान खोलना कंपल्सरी है या इस दुकान के जरिए प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स को बेचा जा सकता है।
सीबीएसई के सर्कुलर में भी है पेच
सीबीएसई के इस सर्कुलर में भी एक पेच है। दुकान से स्टेशनरी के साथ ही अन्य मैटीरियल को बेचने की बात कही गई है। अब अन्य मैटीरियल के बारे में कुछ नहीं बताया गया। ऐसे में स्कूल इस शब्द को अपनी तरह से इंटरप्रेट करना शुरू कर गए हैं। एक स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि अन्य मैटीरियल के तहत वह दुकान से यूनिफॉर्म बेचेंगे जबकि एक अन्य प्रिंसिपल ने कहा कि अन्य मैटीरियल का मतलब प्री-प्राइमरी क्लासेज की प्राइवेट पब्लिशर्स की बुक्स हैं क्योंकि एनसीईआरटी इन क्लासेज की बुक्स नहीं बनाता। ऐसे में अगर दुकानें खुल गई तो अन्य मैटीरियल के शब्द का फायदा उठाते हुए स्कूल इस दुकान के तहत काफी कुछ बेचना शुरू हो जाएंगे। खास बात है कि सीबीएसई ने अपने इस सर्कुलर में अपने पिछले सर्कुलर का हवाला भी दिया है जिसमें यह कहा गया था कि स्कूल पेरेंट्स को फोर्स न करें कि वह स्कूलों में खुली दुकानों से बुक्स या स्टेशनरी खरीदें।
सर्कुलर की कॉपी देखेंगे
सर्कुलर की काॅपी मिलने के बाद इस मामले को एग्जामिन करवाया जाएगा। सीनियर ऑफिसर इस पर फैसला लेंगे और अभी मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता। -आरएस बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन
डिपार्टमेंट से इजाजत मांगी
मीटिंग में हमने डिपार्टमेंट से कह दिया था कि सीबीएसई के सर्कुलर के हिसाब से हमें टकशॉप खोलने की इजाजत दी जाए। अब डिपार्टमेंट ने इस पर फैसला लेना है। -एचएस मामिक, प्रेसिडेंट, इंडिपेंडेंट स्कूल्स एसोसिएशन व विवेक स्कूल के चेयरमैन
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Teachers News / Re: Prime Time News 20 /11/17
« Last post by Gaurav Rathore on November 20, 2017, 06:48:12 PM »
बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2011 में संंशोधन
प्रारंभिक शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा, अब सब्जेक्ट वाइज जारी करना होगा रिजल्ट

नि:शुल्कऔर अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2011 के तहत बच्चों को फेल करने की नीति के तहत अब मौज करने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसा जाएगा। अब शिक्षकों को सब्जेक्ट क्लास वाइज रिजल्ट जारी करना होगा, वह भी आउट ऑफ लर्निंग। यानी बच्चा इस योग्य जरूर हो कि वह अगली क्लास के सब्जेक्ट को समझ और पढ़ सके।

राज्यपाल ने शिक्षा अधिकार अधिनियम में संशोधन किया है। सरकार ने सक्षम योजना के तहत शिक्षकों को आउटऑफ लर्निंग के तहत टारगेट दिया है कि क्लास के 80% बच्चों के 80% मार्क्स जरूर हों। उन्हें 30 नवंबर तक का समय दिया गया है। ऐसे में अब उन शिक्षकों की मौज खत्म होगी जो पढ़ाई की तरफ ध्यान नहीं दे रहे थे। क्योंकि उक्त अधिनियम से बेशक बच्चे को फेल नहीं किया जाता उसके मार्क्स के आधार पर उसे अगली क्लास में बैठा दिया जाता है। लेकिन अब टीचर को मेहनत करनी ही पड़ेगी।

स्टूडेंट्स हैं प्राइमरी स्कूलों में

प्रदेश में प्राइमरी स्कूल

^बच्चा इस लायक जरूर हो कि वह अगली कक्षा में आसानी से पढ़ सके। यदि बच्वों को लर्निंग आउटकम तक नहीं ले जाया गया तो शिक्षकों को ट्रेंड करने की तरफ भी सोचा जाएगा। उन्हें मोटीवेट किया जाएगा। -केकेखंडेलवाल, एसीएस, स्कूल एजुकेशन

बच्चों को मंथली असेस्मेंट टेस्ट और खेलकूद् हाजिरी आदि के अंक 20-20 अंक में से दिए जाते हैं। जबकि 60 नंबर का टेस्ट मार्च में होता है। रिजल्ट तैयार करते समय भी यह दर्शाया जाता है कि 0 से 33 फीसदी मार्क्स के बीच कितने बच्चे रहे। इसी प्रकार 34-50, 51 से 75 और 76 से 100 मार्क्स कितने बच्चों ने प्राप्त किए। लेकिन अब 80 फीसदी बच्चों के 80 फीसदी अंक अवश्य आने चाहिए।

}बच्चों को नहीं किया जाता है फेल, इसलिए लर्निंग पर है जोर कम

}5वीं तक के बच्चों का दिखाना होगा लर्निंग आउटकम यानी परफॉरमेंस
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Teachers News / Re: Prime Time News 20 /11/17
« Last post by Gaurav Rathore on November 20, 2017, 06:45:54 PM »
स्कूलों में अब रोजाना 1 घंटे होगा व्यायाम, केंद्रीय विद्यालयों से शुरुआत
नई दिल्ली। छात्रों की फिटनेस के लिए स्कूलों में अब रोजाना एक घंटे का व्यायाम होगा। फिलहाल इसकी शुरुआत केंद्रीय विद्यालयों से होगी।
जहां छात्रों को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से योग सहित शारीरिक फिटनेस से जुड़े सभी तरह के व्यायाम कराए जाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के बाद केंद्रीय स्कूलों ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है।
मंत्रालय का मानना है कि छात्रों की फिटनेस ठीक होने से उनकी पढ़ाई के स्तर में भी सुधार आएगा। अगले हफ्ते से ट्रायल के तौर पर इसे कुछ चुनिंदा स्कूलों से शुरू करने की तैयारी है।
बाद में इसे बाकी स्कूलों में भी विस्तार दिया जाएगा। स्कूलों में रोजाना एक घंटे व्यायाम कराने की यह निर्देश मंत्रालय ने पिछले दिनों शिक्षा के स्तर में सुधार को लेकर आयोजित चिंतन शिविर में आए सुझावों के बाद दिए थे।
इस दौरान स्कूलों में छात्रों की फिटनेस को ठीक करने के लिए शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सुझाव दिए गए थे। इस चिंतन शिविर में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े देश भर के सैकड़ों शिक्षाविद् और अधिकारी मौजूद थे।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय विद्यालयों में अमल के बाद राज्यों को भी इसके अमल के लिए कहा जाएगा। जो अपने स्कूलों में इसे अनिवार्य रूप से लागू कर सकते है।
मंत्रालय के मुताबिक चिंतन शिविर मे जुटे शिक्षाविदों का कहना था कि छात्र तभी अच्छा परफार्म और वह सब कुछ सीख सकते है, जब वह स्वस्थ रहेंगे।
वैसे भी प्राचीन शिक्षा पद्धति में कहा गया है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वच्छ मन और बुद्धि निवास करता है। छात्रों के बौद्धिक विकास को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर चिंतन शिविर का आयोजन छह और सात नवंबर को किया था।
इस शिविर में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी हिस्सा लिया था। स्कूली शिक्षा में सुधार को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहले से ही डिजिटल शिक्षा, लर्निंग आउट कम जैसी कई योजनाओं पर
काम कर रहा है। छात्रों के फिजिकल फिटनेस को लेकर स्कूली स्तर फिलहाल यह अपनी तरह की अनूठी पहल होगी।
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Teachers News / Re: Prime Time News 20 /11/17
« Last post by Gaurav Rathore on November 20, 2017, 06:44:14 PM »
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