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Messages - Gaurav Rathore

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: February 14, 2018, 06:24:38 PM »

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: February 10, 2018, 07:32:22 PM »
मांगों को लेकर अध्यापकों ने दिया धरना

संवाद सहयोगी, फगवाड़ा : फगवाड़ा ब्लाक के समूह अध्यापक वर्ग की ओर से शिक्षा मंत्री पंजाब के नाम एक मांग पत्र एसडीएम ज्योति बाला मट्टू को दिया गया। इस मौके पर जानकारी देते हुए अध्यापकों ने कहा कि प्राइमरी वर्ग के अध्यापकों को पिछले दो माह से सैलरी नहीं मिली है व न ही इस संबंधी कोई बजट जारी हुआ है। उन्होंने मांग की कि अध्यापक वर्ग की पेंडिंग सैलरी जल्द जारी करने के लिए बजट तुरंत जारी किया जाए व आगे से समय पर अदायगी के लिए विभाग को पाबंद किया जाए। इससे अलावा प्राइमरी स्तर पर हर कक्षा के लिए अध्यापक व मिडिल स्कूलों में हर विषय के अध्यापक दिए जाए। प्राइमरी विभाग में पढ़ा रहे बीएड पास ईटीटी अध्यापकों को ब्रिज कोर्स से पूर्ण छुट देने, मिड डे मील की कुकिंग कास्ट एडवांस जारी करने, अध्यापकों को अनावश्यक डाक, बीएलओ की डयूटी आदि गैर शैक्षणिक कामों से छूट, ईटीटी से मास्टर काडर की तरक्की तुरंत करने, पांचवीं की वार्षिक परीक्षाओं का समूह प्रबंध प्राइमरी विभाग के हवाले करने, ठेके पर काम करते सारे अध्यापकों को तुरंत रेगूलर करने की मांग की। इस अवसर पर सतनाम सिंह, दलजीत सैणी, गुरमुख सिंह, जसबीर सैणी, अजय शर्मा, हरजिंदर सिंह, गौरव राठौर, कुलविंदर राय, कमल गुप्ता, लखबीर, परमिंदर पाल कौर, उर्मिला देवी, विक्रम सिंह, राम लाल, सुरिंदर, नवजीत जग्गी, प्रीति, अंतरा राय, नवदीप, कुलविंदर, मनजिंदर, गुरिंदरजीत, अनू धीर, कमलदीप, मीना, सुरिंदर, विकासदीप, सरबजीत कौर, नीलम रानी, अंजली, वंदना आदि उपस्थित थे

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: February 08, 2018, 07:50:41 PM »

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: February 08, 2018, 07:49:34 PM »

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: February 08, 2018, 07:49:20 PM »

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: February 08, 2018, 07:48:51 PM »
लड़कियों के स्कूलों में पुरुष शिक्षकों के पढ़ाने पर शिक्षा मंत्री ने लिया यू-टर्न
February 8, 2018

यदि लोगों को यह सुझाव पसंद नहीं है तो स्कीम को रद्द कर दिया जाएगा-अरुणा चौधरी

लड़कियों के स्कूलों में 50 साल से अधिक आयु के पुरूष शिक्षकों के पढ़ाने बारे जारी हुए फरमान का विरोध होने पर शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने यू टर्न ले लिया है। पंजाब की शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने बुद्धवार को यह बयान दिया था कि लड़कियों के सरकारी स्कूलों में अब 50 साल से अधिक आयु वाले पुरुष शिक्षक ही लड़कियों को पढ़ा सकेंगे। जब गुरूवार को अरुणा चौधरी के साथ इस बारे में बात की गई तो उन्होंने यूटर्न लेते हुए कहा कि अभी तो सिर्फ सुझाव मांगे गए हैं, यदि लोगों को यह सुझाव पसंद नहीं है तो स्कीम को रद्द कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसका ऐलान कल ही किया गया है और 15 दिनों के अंदर-अंदर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं। यदि लोगों को यह सुझाव पसंद नहीं आया तो उसे बदल दिया जाएगा। यह नियम किसी पर थोपा नहीं जाएगा। बताने योग्य है कि लड़कियों की सुरक्षा को देखते हुए अरुणा चौधरी ने यह सुझाव दिया था तो चरनजीत चड्ढा पूर्व चीफ खालसा दीवान और अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह दोनों 50 साल की आयु से अधिक के होते हुए भी अश्लील हरकतें करते पाए गए थे तो फिर इस बात की क्या गारंटी है कि 50 साल से अधिक आयु के अध्यापक साफ-सुथरी क्षवि वाले होंगे या 50 साल से कम आयु वाले अध्यापक गलत आचरण वाले होंगे।

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अप्रैल से स्कूली शिक्षा का बदल जाएगा ताना-बाना, सरकार ला रही नया कानून
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक इस नए बदलाव के साथ ही सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, मिड-डे मील जैसी तमाम योजनाओं का बजट एक हो जाएगा।
नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। नर्सरी से 12वीं तक की स्कूली शिक्षा को एकीकृत बनाने के एलान के साथ ही सरकार ने इसके अमल की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार मार्च तक इसके लिए कानून लाएगी, जबकि एक अप्रैल यानि नए शैक्षणिक सत्र से देश भर में एकीकृत स्कूली शिक्षा योजना लागू हो जाएगी।मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक इस नए बदलाव के साथ ही सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, मिड-डे मील जैसी तमाम योजनाओं का बजट एक हो जाएगा। बजट में फिलहाल इन योजनाओं को अलग-अलग आवंटन जारी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में सर्व शिक्षा अभियान के लिए करीब 2628 करोड़ दिए गए है, जबकि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान को 383 करोड़ और मिड-डे मील को 233 करोड़ रुपए दिए गए है। इसके अलावा सरकार ने बजट में स्कूली शिक्षा के बजट को करीब आठ फीसदी बढ़ाते हुए 50 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में करीब 3643 करोड़ ज्यादा है।
मौजूदा समय में देश में स्कूली शिक्षा टुकड़ों में बंटी है। प्राथमिक शिक्षा का संचालन सर्व शिक्षा अभियान और शिक्षा के अधिकार कानून जैसे कानूनों के तहत किया जा रहा है, जबकि माध्यमिक शिक्षा का संचालन राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हो रहा है, जबकि नर्सरी को अभी तक स्कूली शिक्षा में कहीं जगह ही नहीं मिली है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की इस घोषणा के साथ ही नर्सरी की शिक्षा भी अब स्कूली शिक्षा का अंग होगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जल्द ही वह कैबिनेट के सामने इससे संबंधित कानून को रखेंगे, जिसकी मंजूरी के बाद ही इसके अमल की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूली शिक्षा के लिए यह एक बड़ा कदम होगा।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: January 24, 2018, 03:31:31 AM »
SSA teachers call for regularisation of services
Posted at: Jan 23, 2018, 1:19 AM
Last updated: Jan 23, 2018, 1:19 AM (IST)
Tribune News Service

Bathinda, January 22

Teachers, recruited under the Sarva Shiksha Abhiyan (SSA) and the Rashtriya Madhyamik Shiksha Abhiyaan (RMSA) more than a decade ago, have announced that they will stage a state-level protest against the Congress Government in case it fails to fulfil its promise to regularise their jobs.

Union leaders submitted a memorandum of their demands, addressed to Chief Minister Amarinder Singh, to the district administration to remind the party of the promises that it had made with the people. Teachers said it was a shame that in the run-up to the elections, Congress leaders had promised during campaigning that all the employees working on a contract basis would be regularised within one month of the formation of government. He said despite the fact that six months had gone by, the party had not done anything in this regard.

“The teachers recruited under the SSA RMSA fulfilled all the eligibility criteria. At that time, we were told that after completing three years of contractual work, their jobs will be regularized but the step was not taken. Despite working for the past 13 years on contractual basis, the teachers are left with no option but to take to the path of protest for getting their jobs regularised,” said union leader Beasnt Singh. He said apart from fighting for regularisation of their jobs, the teachers were also left to fight for timely release of their salaries and allowances.

Union member Amandeep Singh said in 2015 the Education Department had drafted a policy to regularise the services of those working on contract. They said despite the fact that two years had passed, nothing had been done

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: January 07, 2018, 03:28:58 AM »
Teachers flay action against colleagues
Posted at: Jan 7, 2018, 12:57 AM
Last updated: Jan 7, 2018, 12:57 AM (IST)
Muktsar, January 6

A number of government primary school teachers today gathered in Malout and criticised the Education Department’s decision of suspending a teacher and transferring another in Ludhiana district after some school students were found cleaning the school premises.

The teachers said on the one hand, the Prime Minister was stressing on keeping the surroundings clean and spread awareness among students and on the other hand, action was taken against two teachers for the same cause. Harry Bathla, an activist of the teachers’ union, said the primary schools did not have peons, still they maintained cleanliness. The teachers threatened that if the decision is not rolled back, they would launch a stir. — TNS

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: January 07, 2018, 03:26:22 AM »
Union ministry rejects data submitted by dist schools
U-Dise, Aadhaar: Warned to upload it again by January 10
Posted at: Jan 7, 2018, 12:44 AM
Last updated: Jan 7, 2018, 2:05 AM (IST)
File photo
File photo
Nikhila Pant Dhawan

Tribune News Service

Bathinda, January 6

The District Education Department has pulled up schools for furnishing incorrect data under U-Dise on the e-Punjab web portal.

Owing to several discrepancies in the data submitted by the schools on the website, the details have now been rejected by the Ministry of Human Resource Development.

The schools have been given warning to correct the data and upload it on the website again by January 10.

The schools have also been cautioned that in case they falter this time too, there is no provision to correct the data once again.

If the data of any school is found to be incomplete or incorrect, the affiliation to the school may be withdrawn on orders of the MHRD.

Following orders from the Director General School Education-cum-state director Sarva Siksha Abhiyaan, the schools have also been given a list of directions, which have to be followed by correcting the data.

Despite repeated reminders, schools in the district have not been taking the task of furnishing Aadhaar card details of their students on the e-Punjab portal seriously.

Taking cognizance of the uncalled for delay in sharing the data of all students, the DGSE has shot off a notice to the schools to make sure that the data is uploaded on the website by January 20.

As per information, state education secretary Krishan Kumar has even written to all district education officers to send him copies of the letters and emails, which were sent by them to the schools of their respective district asking them to furnish the Aadhaar card details.

The Education Department may soon initiate the procedure of withdrawing affiliation of the schools, which fail to abide by the guidelines despite repeated reminders.

The department is now tightening the noose around the schools since the state government is linking all personal documents with a person’s Aadhaar card details to ascertain identity of the person.

The schools have since been directed to upload the details of the students on the e-Punjab portal of the State Education Department.

Aadhaar details mandatory

The Aadhaar card details of the students are mandatory, especially in case the student is a beneficiary of any of the social welfare or scholarship schemes given by the state or Central Government.
Schools needed to upload the Aadhaar card details of the students on the e-Punjab portal to facilitate the procedure of transferring the amount of social welfare schemes and other scholarship schemes directly to the accounts of the students to curb chances of delay in the disbursement of the funds at the local level.
What is U-Dise

Unified-District Information System for Education (U-Dise) is a database of information about schools in India. It provides the necessary data for planning and managing school education. Besides, the U-Dise data are used extensively for planning and monitoring development interventions in the SSA and RMSA. Now, U-Dise also serves as the major source of official statistics.

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