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Messages - Gaurav Rathore

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 19, 2017, 07:21:49 PM »
ਪੋਸਟ ਮੈਟ੍ਰਿਕ ਸਕਾਲਰਸ਼ਿੱਪ ਸਕੀਮ ਦੇ ਆਡਿੱਟ ਚ ਹੁਣ ਤਕ 56 ਕਰੋੜ ਦਾ ਘਪਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ-ਧਰਮਸੋਤ
ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਨੂੰ ਦਾਖਲੇ ਲਈ ਮਨਾਂ ਕਰਨ ਤੇ ਕਾਲਜ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਹੋਵੇਗੀ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ
ਅਕਾਲੀਆਂ ਦੇ ਚੁੰਗਲ ਚੋ 5 ਹਜ਼ਾਰ ਕਰੋੜ ਦੀ ਬੇਸ਼-ਕੀਮਤੀ ਜ਼ਮੀਨ ਛੁਡਾਉਣ ਲਈ ਜੰਗਲਾਤ ਮਹਿਕਮੇ ਵਲੋਂ ਮੁਹਿੰਮ ਸ਼ੁਰੂ
ਸਿੱਖਿਆ ਫੋਕਸ, ਜਲੰਧਰ। ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਭਲਾਈ ਮੰਤਰੀ ਸਾਧੂ ਸਿੰਘ ਧਰਮਸੋਤ ਨੇ ਅੱਜ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪੋਸਟ ਮੈਟ੍ਰਿਕ ਸਕਾਲਰਸ਼ਿੱਪ ਦੇ ਚੱਲ ਰਹੇ ਆਡਿਟ ਤਹਿਤ ਹੁਣ ਤੱਕ 56 ਕਰੋੜ ਰੁਪਂਏ ਦਾ ਘਪਲਾ ਉਜਾਗਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। 31 ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਇਸ ਆਡਿੱਟ ਦੇ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ-ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਸੰਗੀਨ ਅਪਰਾਧ ਦੀਆਂ ਵੱਡੀਆਂ ਮੱਛੀਆਂ ਵੀ ਕਾਬੂ ਕਰ ਲਈਆ ਜਾਣਗੀਆ। ਅੱਜ ਇਥੇ ਪੱਤਰਕਾਰਾਂ ਨਾਲ ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦਿਆਂ ਮੰਤਰੀ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਾਲ ਤਕ ਦੇ ਆਡਿੱਟ ਵਿਚ 249 ਵਿੱਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਦਾ ਰਿਕਾਰਡ ਚੈਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦੀਆਂ ਹੋਰ ਵਿਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵਿਚ ਇਹ ਕੰਮ 31ਦਸਬੰਰ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਦੇ ਵਿਦਿਆਥੀਆਂ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਇਸ ਘਿਣਾਉਣੇ ਅਪਰਾਧ ਲਈ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦੋਸੀ ਨੂੰ ਬਕਸ਼ਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹੁਣ ਤੱਕ ਇਸ ਘਪਲੇ ਵਿਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਦੋ ਮੁਲਾਜ਼ਮਾਂ ਨੂੰ ਮੁਅੱਤਲ ਕੀਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਾ ਹੈ ਜਦਕਿ ਤਿੰਨ ਸੀਨੀਅਰ ਅਧਿਕਾਰੀਆਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਵਿਭਾਗੀ ਕਾਰਵਾਈ ਦੇ ਆਦੇਸ਼ ਜਾਰੀ ਕਰ ਦਿਤੇ ਗਏ ਹਨ।
ਕੇਂਦਰੀ ਮੰਤਰੀ ਵਿਜੈ ਸਾਂਪਲਾ ਉੱਤੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਮਸਲੇ ਤੇ ਗੁਮਰਾਹ ਕਰਨ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਾਉਦਿਆਂ ਧਰਮਸੋਤ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ 31 ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਆਡਿੱਟ ਪੂਰਾ ਹੋਣ ਉਪਰੰਤ ਇਸ ਸਕੀਮ ਤਹਿਤ 115 ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਵਿਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਦੇਵੇਗੀ। ਉਨਾਂ ਵਿਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ ਕਿ ਉਹ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨੁਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧ ਰੱਖਦੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਨੂੰ ਦਾਖਲੇ ਲਈ ਮਨਾਂ ਨਾ ਕਰਨ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਉਨਾਂ ਖਿਲਾਫ ਸਖ਼ਤ ਤੋ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨਾਂ ਇਹ ਵੀ ਖੁਲਾਸਾ ਕੀਤਾ ਕਿ ਸੁਬੇ ਦੀ ਸੂਬੇ ਦੇ ਵਿਚ ਜੰਗਲਾਤ ਮਹਿਕਮੇ ਦੀ 5 ਹਜ਼ਾਰ ਏਕੜ ਦੇ ਕਰੀਬ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ ਅਕਾਲੀ ਆਗੂਆਂ ਨਾਜ਼ਾਇਜ਼ ਕਬਜ਼ਾ ਕੀਤਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਜਿਸ ਨੂੰ ਛਡਾਉਣ ਲਈ ਸੂਬੇ ਦੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਕਾਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਹੈ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਹਾਲ ਹੀ ਵਿਚ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ 325 ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਕਬਜ਼ੇ ਤੋਂ ਮੁਕਤ ਕਰਵਾਈ ਗਈ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਰੁੱਖ ਲਾਉਣ ਲਈ ਮੁਹਿੰਮ ਜਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਚਾਲੂ ਸਾਲ ਵਿਚ ਹੁਣ ਤਕ ਸੂਬੇ ਵਿਚ 2 ਕਰੋੜ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾ ਚੁੱਕੇ ਹਨ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬੇ ਨੂੰ ਹਰਿਆ ਭਰਿਆ ਅਤੇ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਮੁਕਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਨਿਰੰਤਰ ਯਤਨ ਜਾਰੀ ਹੈ।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੂੰ ਸੂਬਾ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਮਕਬੂਲ ਆਗੂ ਦੱਸਿਆ ਧਰਮਸੋਤ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸੂਬਾ ਕਾਂਗਰਸ 2022 ਦੀਆਂ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਚੋਣਾ ਵੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੀ ਮਜਬੂਤ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਲੜੇਗੀ। ਉਨਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹਰ ਵਰਗ ਦੇ ਲੋਕ ਪ੍ਰੀਅ ਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਹਨ ਅਤੇ ਸੂਬੇ ਦਾ ਹਰ ਵਰਗ ਉਨਾਂ ਦਾ ਬਹੁਤ ਪਿਆਰ ਅਤੇ ਸਤਿਕਾਰ ਕਰਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਮੌਕੇ ਤੇ ਧਰਮਸੋਤ ਨਾਲ ਕਾਂਗਰਸੀ ਆਗੂ ਅਸ਼ੋਕ ਗੁਪਤਾ, ਅਰੁਣ ਵਾਲੀਆ ਅਤੇ ਯਸ਼ਪਾਲ ਧਿਮਾਨ ਵੀ ਹਾਜ਼ਰ ਸਨ

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 19, 2017, 07:20:31 PM »
खुशखबरीः 48 लाख कर्मचारियों को मिल सकती है 7वें कमिशन मुताबिक बढ़ी हुई सैलरी
राष्‍ट्रीय विसंगति कमेटी ने न्‍यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी और फि‍टमेंट फैक्‍टर में वृद्धि को लेकर तैयारी की रिर्पोट
शिक्षा फोक्स, नई दिल्‍ली। राष्‍ट्रीय विसंगति कमेटी ने न्‍यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी और फि‍टमेंट फैक्‍टर में वृद्धि को लेकर अपनी रिर्पोट तैयार कर ली है। कुल 48 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी पिछले पांच महीनों से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक न्‍यूनतम सैलरी और फि‍टमेंट फैक्‍टर मिलने का इंतजार कर रहे हैं हो सकता है अगले महीने तक उनका इंतजार खत्म हो जाए और आना वाला दिसम्बर उनके लिए खुशखबरी ले आए।

15 दिसंबर को पेश होगी रिपोर्ट
कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 22 सदस्‍यीय एन.ए.सी. कमेटी वेतन वृद्धि पर अपनी रिपोर्ट 15 दिसंबर 2017 को पेश करेगी, जिसे बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। सरकारी कर्मचारी इस बात की उम्‍मीद कर रहे हैं कि उनकी न्‍यूनतम सैलरी मौजूदा 18,000 रुपए से बढ़कर 21,000 रुपए हो जाएगी और फि‍टमेंट फैक्‍टर मौजूदा 2.57 गुना से बढ़कर 3.00 गुना हो जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा एन.ए.सी. की न्‍यूनतम वेतन पर सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद इसके अगले साल एक अप्रैल से लागू होने की उम्‍मीद है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 जून को 7सीपीसी के तहत अन्‍य सिफारिशों के साथ ही न्‍यूनतम वेतन को 7,000 से बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रति माह करने और फि‍टमेंट फैक्‍टर को 2.57 गुना करने को अपनी मंजूरी दी थी हालांकि, कर्मचारियों ने जून में मंजूर हुई सिफारिशों के प्रति अपनी असंतुष्टि जताते हुए सरकार से मांग की थी कि 7सीपीसी के तहत न्‍यूनतम वेतन को 18,000 से बढ़ाकर 26,000 रुपए प्रति माह और फि‍टमेंट फैक्‍टर को बढ़ाकर 3.68 गुना किया जाए।

सरकारी खजाने पर डाल सकते हैं अतिरिक्‍त बोझ
वित्‍त मंत्रालय सूत्रों ने संकेत दिया है कि मुद्रास्‍फीति को देखते हुए वेतन वृद्धि आवश्‍यक है और इसलिए इस संबंध में एन.ए.सी. द्वारा की गई सिफारिशों को स्‍वीकार करने का निर्णय लिया गया है वहीं रोचक बात यह है कि सरकार के आर्थिक सलाहकार संशोधित न्‍यूनतम वेतन पर एरियर को खत्‍म करने पर विचार कर रहे हैं, जो सरकारी खजाने पर अतिरिक्‍त बोझ डाल सकते हैं।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 19, 2017, 07:19:06 PM »
प्री-प्राईमरी के दाखिले पर एप के माध्यम से नजर रखेगा शिक्षा विभाग
अधयापक को रोजाना डाटा अपडेट करने में सहायक होगा एप
शिक्षा फोक्स, मोहाली। प्री-प्राईमरी कक्षाअों के दाखिले पर नजर रखने के लिए शिक्षा विभाग ने एक एप तैयार किया है। इस एप से अध्यापक रोजाना डाटा अपलोड कर सकेंगे। यह जानकारी शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने दी। पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग की तरफ से शुरू किए गए प्री प्राइमरी कक्षाओं नर्सरी, के.जी. और अपर के.जी. के दाखिलों की स्थिति पर हर समय नजर रखने के लिए शिक्षा मंत्री अरुना चौधरी के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार के दिशा निर्देशों पर विभाग की तरफ से एक एप्प तैयार कर लिया गया है। प्रैस को विभाग के प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस एप में बच्चों के रोजमर्रा की दाखिले को स्कूल वायज अपडेट करने के लिए है। इसमें जिस ब्लाक के स्कूल में नया बच्चा दाखिल किया गया है तो सबंधित स्कूल का अध्यापक /इंचार्ज इस एप पर जाकर अपने जिले का चयन करने के बाद ब्लाक का चयन करेगा। ब्लाक उपरांत स्कूल का नाम और बच्चों की संख्या उम्र अनुसार दर्ज करके अपडेट करेगा।
यह एप रोजमर्रा की अपडेट का रिकार्ड मुख्य दफ्तर में दिखाएगा जिसके साथ जिला के ब्लाकों की कारगुजारी भी पता लगेगी। इस एप के साथ यह स्पष्ट हो जाता है कि कृष्ण कुमार के नेतृत्व में योग्य सूचना प्रौद्यौगिकी के साथ अब शिक्षा विभाग नया कदम उठाने के लिए तैयार हो चुका है। इस संबंधित प्रवक्ता ने और जानकारी देते हुए बताया कि प्री प्राईमरी जमातों की शुरुआत करने के बाद दाखिले की संख्या की स्थिति पर निगाह रखने के लिए और जल्द डाटा एकत्रित करने के लिए यह एप बहुत ही प्रभावशाली रहा है। उन्होंने बताया कि इस एप के द्वारा प्राथमिक अध्यापक अपने मोबायल के द्वारा कुछ ही पलों में प्री प्राईमरी का डाटा अपडेट कर सकेगा और साथ ही विभाग को रोजाना डाटा अपडेट करने में भी सुविधा होगी। अध्यापक के लिए डाटा भरना बहुत ही आसान होगा जिस में बच्चों की उम्र वाले स्थान पर उस दिन दाखिल बच्चों की संख्या ही भरनी है।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 19, 2017, 07:16:45 PM »
123 शिक्षण संस्थान नहीं अपने संस्थान के नाम पर नहीं लिख सकेंगे विश्वविद्यालय
यूजीसी ने सर्कुलर जारी कर एक माह के भीतर विश्वविद्यालय शब्द हटाने के दिए शिक्षण संस्थानों को निर्देश
शिक्षा फोक्स, दिल्ली। अपने नाम के साथ विश्वविद्यालय का नाम लिखने वाले करीब 123 उच्च शिक्षम संस्थानों को अपने नाम से विश्वविद्यालय शब्द हटाना होगा। दरअसल जो उच्च शिक्षण संस्थान विश्वविद्यालय बनाए जाने के लिए प्रस्तावित हैं, उन्हें अपने नाम के आगे से विश्वविद्यालय हटाना होगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (यूजीसी) ने 10 नवंबर को एक सर्कुलर जारी किया है जिसमें निर्देश दिया गया है कि ऐसे शिक्षण संस्थान एक महीने के अंदर अपने नाम से विश्वविद्यालय हटा लें। इसके स्थान पर ये शिक्षण संस्थान डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का प्रयोग कर सकते हैं। इस सर्कुलर में 3 नवंबर को मिले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी संगलग्न किया गया है। सर्कुलर के अनुसार जो शिक्षण संस्थान इस निर्देश का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ यूजीसी (इंस्टिट्यूशन्स डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटीज) रेगुलेशन्स, 2016 के तहत कार्यवाई की जाएगी।

Universities_UGC-LETTER

इन संस्थानों को भेजा गया है नोटिस
दिल्ली स्थित इंडियन ऐग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट (पूसा), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरन ट्रेड, इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर ऐंड बिलियरी साइंस, जामिया हमदर्द, नैशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल, फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट, देहरादून, बीआईटी मेसरा, रांची, क्राइस्ट युनीवर्सिटी, बेंगलुरु, सिंबायसिस युनीवर्सिटी, पुणे, BITS पिलानी समेत कई अन्य शिक्षण संस्थानों को यह निर्देश भेजा गया है। इसके जवाब में सर्कुलर भेजे गए कई संस्थानों के प्रतिनिधियों ने कहा है कि वे पहले से ही डीम्स टू बी यूनिवर्सिटी का प्रयोग कर रहे थे।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 18, 2017, 05:18:00 PM »

देश भर के स्कूलों में होगी एक जैसी पढ़ाई
पूनम पाण्डे,नवभारत टाइम्स | Updated Nov 18, 2017, 11:20 AM IST

नई दिल्ली
देश भर के स्कूल एजुकेशन बोर्ड में कोर पढ़ाई एक जैसी हो इसके लिए एचआरडी मिनिस्ट्री राज्य सरकारों और स्कूल एजुकेशन बोर्ड के साथ मिलकर काम कर रही है। पहले करिकुलम करीब-करीब एक जैसा करने की कोशिश की जा रही है। इसके बाद एग्जाम में पेपर डिजाइन एक जैसा करने की तरफ बढ़ा जाएगा।

एचआरडी मिनिस्ट्री के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, 'सभी एजुकेशन बोर्ड इसके लिए सहमत हैं कि क्लास 12 तक करिकुलम एक जैसा रखा जाए। इसका मतलब यह हुआ कि सभी एजुकेशन बोर्ड में पढ़ रहे स्टूडेंट्स की कोर पढ़ाई एक जैसी हो। सहमति बनने के बाद अब बोर्ड्स इसके लिए काम करेंगे। उन्होंने साफ किया कि मिनिस्ट्री किसी भी एजुकेशन बोर्ड को निर्देश नहीं देगी बल्कि सहमति से यह करवाने की कोशिश होगी।
Times Point
सोशल साइंस में कुछ चैप्टर्स अलग हो सकते हैं
मिनिस्ट्री के सीनियर अधिकारी के मुताबिक, कोशिश यह है कि शुरू में साइंस और मैथ्स का करिकुलम एक जैसा किया जाए। उसके बाद सोशल साइंस जैसे दूसरे विषयों के करिकुलम पर सहमति बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सोशल साइंस को लेकर कुछ हद तक राज्य संवेदनशील भी हैं क्योंकि सभी राज्य अपने राज्य से जुड़ी चीजें भी बच्चों को पढ़वाना चाहते हैं। इसके लिए कुछ अलग चैप्टर जोड़े जा सकते हैं या कुछ चैप्टर अलग-अलग हो सकते हैं। हालांकि, कोर करिकुलम एक जैसा करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूपी और फिर जम्मू-कश्मीर के एनसीईआरटी का ही सिलेबस पढ़ाने को राजी होना इस दिशा में बड़ा कदम है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे राज्य भी ऐसा करेंगे।

स्कूल की एक्टिविटीज़ का भी होगा वेटेज
मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक, करिकुलम एक जैसा होने के बाद क्वेश्चन पेपर डिजाइन एक जैसा करने की दिशा में बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी एजुकेशन बोर्ड इस पर भी सैद्धांतिक तौर पर सहमत हैं। सभी का मानना है कि पेपर डिजाइन एक जैसा होने से स्टूडेंट चाहे किसी भी बोर्ड में पढ़ रहे हों, उनका मूल्यांकन एक तरीके से हो सके। सभी बोर्ड में एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज़ का वेटेज एक जैसा करने के लिए भी सभी तैयार हैं। मिनिस्ट्री के अधिकारी के मुताबिक, हमें उम्मीद है कि यह इसी सत्र से दिखाई देगा।


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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 17, 2017, 07:13:50 PM »
विद्यार्थियों पर बोर्ड नहीं कर पाएंगे नंबरों की वर्षा
 November 17, 2017 Davinder Singh  0 Comments Students will not be able to board the numbers 'Rain', The Central Human Resources Ministry, The Central Human Resources Ministry has issued instructions to all the states and education boards of the country
-केंद्रीय मानव संसाधान मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों व शिक्षा बोर्डों को जारी किए निर्देश
-पत्र में कहा कि कुछ मामलों को छोड़कर अंकों के मॉडरेशन पर भी पूरी तरह से होगी पाबंदी
शिक्षा फोक्स, चंडीगढ़।
अागामी परीक्षाअों में देश का कोई भी बोर्ड बच्चों पर नंबरों की वर्षा नहीं कर पाएगा। केंद्रीय मानव संसाधान मंत्रालय ने इसके लिए देश के सभी राज्यों व शिक्षा बोर्डों को निर्देश जारी कर दिए हैं। अादेशों में साफ कर दिया गया है कि अगली वार्षिक परीक्षाओं में कोई भी बोर्ड 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में बढ़ा-चढ़ाकर अंक नहीं देगा। इन निर्देशों के बाद संबंधित बोर्ड ने अनुपालना के लिए हामी भर दी है। निर्देशात्मक पत्र में यह भी सलाह दी कि बढ़ा कर अंक देने की प्रवृत्ति को तुरंत रोकना होगा और अगले साल होने वाली परीक्षाओं में इसे हर हाल में लागू किया जाना है। पत्र में कहा कि कुछ मामलों को छोड़कर अंकों के मॉडरेशन पर भी पूरी तरह से पाबंदी होगी।
बोर्ड सिर्फ प्रश्नपत्र में अस्पष्टता, सैट की बौद्धिकता स्तर में अंतर और विश्लेषण के आधार पर मूल्यांकन प्रणाली में अनिश्चितता के मामले में पारदर्शी माडरेशन नीति को अपना सकते हैं। पत्र से ज्ञात हुआ कि सीबीएसई पूर्व चेयरमैन आरके चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बनाए अंत: बोर्ड कार्यकारी समूह की सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार गुजरात, मणिपुर, जम्मू-कश्मीर, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और आईसीएसई इस समूह के सदस्य थे। समूह का गठन मॉडरेशन नीति की समीक्षा के लिए किया था। बता दें कि अधिक नंबर देने की प्रवृत्ति को समाप्त करने का फैसला तो बीते साल ही ले लिया था लेकिन परीक्षा परिणाम निकट होने के कारण तात्कालीन रूप से लागू नहीं किया जा सका था।

ग्रेस मार्क तो मिलते रहेंगे
मानव संसाधान विकास मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव अनिल स्वरूप के एक सहायक ने इन निर्देशों की पुष्टि की है और कहा कि पत्र निर्देशात्मक न होकर परामर्श देने वाला था जिससे उत्साहजनक समर्थन विभिन्न बोर्डों से मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थी जिनके पास होने के लिए कुछ ही अंकों की आवश्यकता होगी उनके लिए बोर्ड ग्रेस मार्क देना जारी रखेंगे। इस बारे में संबंधित बोर्ड को अपनी वैबसाइट पर इसकी सूचना देनी अनिवार्य होगी।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 17, 2017, 07:12:50 PM »
मिड-डे-मील की ग्रांट रिलीज करने के लिए पंजाब ने किया केन्द्र सरकार से संपर्क
 November 17, 2017 Davinder Singh  0 Comments Mid-day-meal, Punjab releases mid-day meal grant to contact the Central Government, The Central Ministry released only Rs 40 crore out of 165 crore to Punjab
-केन्द्रीय मंत्रालय ने पंजाब को 165 करोड़ में से महज 40 करोड़ रुपए ही रिलीज किए
शिक्षा फोक्स, जालंधर।
अध्यापकों की तरफ से मिड-डे-मील को बंद करने की घोषणा ने पंजाब सरकार की नींद उड़ा दी है। पैसा न अाने के कारण कई जिलों में मिड-डे-मील बंद होने के बाद अब पंजाब सरकार ने अपना यह दुखड़ा केन्द्र सरकार के समक्ष रौया है। मौजूदा समय के दौरान मिड-डे-मील के लिए स्कूलों को फंड नहीं रिलीज नहीं हो रहे हैं तो शिक्षक समझ रहे हैं कि पंजाब सरकार स्कूलों को फंड नहीं मुहैय करवा रही है। मगर, हकीकत कुछ हट के है। वास्तविकता यह है कि केन्द्र से ही ग्रांट का पैसा नहीं आ रहा है। इसके लिए पंजाब सरकार ने केन्द्र सरकार को पत्र लिख मिड-डे-मील की बकाया ग्रांट रिलीज करने के लिए लिखा है।
2017-18 के लिए केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पंजाब के लिए 165 करोड़ रुपए को मंजूरी प्रदान की थी। अभी तक चालू वित्त वर्ष के दौरान पहले 6 महीनों में 40.17 करोड़ रुपए की राशि ही रिलीज हो सकी है। जानकार बताते हैं कि शिक्षा विभाग ने इस मामले पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्द्र सिंह के साथ बातचीत की थी, जिन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के साथ इस मामले को लेकर बातचीत करें। इस स्कीम में केन्द्र सरकार का योगदान 60 प्रतिशत तथा राज्य सरकार का योगदान 40 प्रतिशत होता है।
राज्य सरकार ने अपनी पहली किस्त एक मई को रिलीज कर दी थी, जिसके तहत 25 प्रतिशत राशि दी गई थी। दूसरी किस्त जुलाई महीने में रिलीज की गई, जिसके तहत 35 प्रतिशत का योगदान राज्य सरकार ने डाला। परन्तु केन्द्र अपनी किस्तें मिड डे मील के लिए बहुत धीमी रफ्तार से जारी कर रहा है। ग्रांटों को रिलीज करने के हिसाब से अगर देखा जाए तो पंजाब को केन्द्र सरकार की ओर से 2017-18 के दौरान अभी तक केवल 25 प्रतिशत केन्द्रीय ग्रांट मिड डे मील के लिए प्राप्त हुई है। शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों का कहना है कि अन्य राज्यों को केन्द्र ने मिड डे मील के लिए 60 प्रतिशत तक हिस्सा रिलीज कर दिया है।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 17, 2017, 07:11:18 PM »
हरियाणा ,अब 55 साल के बाद शिक्षा बोर्ड के कर्मचारी होंगे सेवानिवृत्त!
 November 17, 2017 Davinder Singh  0 Comments And now after 55 years the employees of the Education Board will be retired, The decision has been taken by the Haryana School Education Board, The division will decide whether the employee has to give extension of 3 years or not
-इस फैसले पर विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने लगा दी है बैठक में मोहर
-विभाग ही करेगा फैसला कि कर्मचारी को 3 साल की एक्सटैंशन देनी है या नहीं

शिक्षा फोक्स, भिवानी।
अगर बोर्ड ऑफ डायरैक्टर की बैठक में हुए फैसले के हिसाब से कार्य चला तो कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति पर शिक्षा बोर्ड के नियम नहीं चलेंगे। शिक्षा बोर्ड में तैनात कर्मचारी व अधिकारी हरियाणा सरकार के नियमों के हिसाब से 55 वर्ष बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। हालांकि कर्मचारियों के पास 3 साल की अतिरिक्त सेवावृद्धि का ऑप्शन तो रहेगा लेकिन शिक्षा बोर्ड प्रशासन चाहेगा तो 3 साल की एक्सटैंशन मिलेगी। सेवानिवृत्ति में अब के बाद हरियाणा सरकार के नियम पूरी तरह से फॉलो किए जाएंगे। बतां दें कि जो कर्मचारी व अधिकारी 55 की आयु में चल रहे हैं या क्रॉस कर चुके हैं, निर्णय के अनुसार उनकी सेवावृद्धि पर विचार करना होगा।
जानकारी के अनुसार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 7 अक्तूबर 2017 को शिक्षा बोर्ड में आयोजित बोर्ड ऑफ डायरैक्टर की बैठक में कई मुद्दे रखे गए थे। इनमें से अधिकांश पर सहमति की मोहर लग गई। काफी लंबे इंतजार के बाद बैठक की आऊट प्रोसीडिंग में शिक्षा बोर्ड में तैनात कर्मचारी व अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 55 साल करने पर सहमति बन गई। साथ ही हरियाणा सरकार की सर्विस रूल के अनुसार कर्मचारी व अधिकारियों को 55 साल की आयु के बाद एक्सटैंशन के लिए एक फाइल चलानी होगी। वह बोर्ड प्रशासन तय करेगा कि एक्सटैंशन लेने वाले कर्मचारी को 3 साल की एक्सटैंशन देनी है या नहीं। अब से पहले बोर्ड के नियमों में तृतीय श्रेणी कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक 58 साल तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 60 साल की आयु में सेवानिवृत्त किया जाता था लेकिन अब पूरी तरह से हरियाणा सरकार के नियमों को फालो किया जाएगा।

करने होंगे बोर्ड के सर्विस रूल चेंज
बोर्ड ऑफ डायरैक्टर की आयोजित बैठक में लिए गए फैसले के हिसाब से चले तो अब बोर्ड प्रशासन को अपने सर्विस रूल में बदलाव करना पड़ेगा। चूंकि अभी तक शिक्षा बोर्ड के नियमों के हिसाब से कर्मचारी या अधिकारी की 58 साल के बाद ही सेवानिवृत्त किया जाता था लेकिन नए फैसले के हिसाब से अब इनको 55 में सेवानिवृत्ति दी जाएगी। अगर हरियाणा सरकार के नियम लागू होते है तो बोर्ड को कई अन्य बदलाव भी करने पड़ेंगे।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 17, 2017, 07:08:53 PM »

स्कूलों के बाहर भी तंबाकू बिका तो रद्द हो जाएगी सीबीएसई मान्यता
 November 17, 2017 Davinder Singh 
-स्कूलों के बाहर बोर्ड न लगाने वाले स्कूलों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
शिक्षा फोक्स, दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को कड़े निर्देश दिए हैं। दिल्ली सरकार ने कहा है कि स्कूल कैंपस के आस-पास जो लोग धूम्रपान बंद नहीं करते या फिर स्कूल से 100 मीटर की दूरी पर अगर किसी तरह के तम्बाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं तो उस स्कूल की सैंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) मान्यता रद्द कर दी जाएगी। दिल्ली राज्य के तम्बाकू नियंत्रण विभाग ने सीबीएसई और शिक्षा निदेशक से ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने को कहा है, जो लगातार नियमों को तोड़ रहे हैं।
हाल ही में हुए एक सर्वे में ये बात सामने आई है कि दिल्ली में लगभग 10 से 15 फीसदी स्कूल तम्बाकू नियंत्रण मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं। ये भी सामने आया कि सर्वे में शामिल किसी भी संस्थान ने अपने परिसर के बाहर तंबाकू निषेध अनिवार्यता का बोर्ड नहीं लगा रखा है जो सीओटीपीए की धारा 4 और 6 के अन्तर्गत आवश्यक है। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की धारा 6 के मुताबिक, शैक्षिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे के भीतर उत्पादों की बिक्री गैरकानूनी होगी। इसके बावजूद शहर के स्कूलों के पास इन उत्पादों की बिक्री कर रही दुकानों को आसानी से देखा जा सकता है।

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Teachers News / Re: Teachers News Daily Updated
« on: November 16, 2017, 08:07:45 PM »
** राज्यों ने यह मांग हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रलय की ओर से मिड-डे मील को लेकर आयोजित कार्यशाला में उठाई।
** राज्यों ने खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों को देखते हुए प्रति छात्र मिलने वाली राशि को बढ़ाने की मांग की।
** मौजूद मंत्रलय के अधिकारियों ने भी उनकी मांग पर सहमति जताई। जल्द ही इसकी समीक्षा करने के भी संकेत दिए हैं।

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