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Topics - sheemar

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Govt launches 'SHe-box' portal for sexual harassment
complaints

(Eds: With additional inputs from the ministry)

New Delhi, Jul 24 (PTI) The Women and Child Development ministry today launched an online platform to enable women employees of the central government to file complaints related to sexual harassment at the workplace.

Union minister Maneka Gandhi said the platform will cater to central government employees in the beginning and thereafter, its ambit will be widened to include the private sector as well.

"We are also going to soon conduct a national survey to assess the nature and magnitude of sexual harassment at the workplace," the minister of woman and child development said after launching the portal at her office here.

The online complaint management system -- 'SHe-box' (sexual harassment electronic box) -- hosted on the website of the Women and Child Development Ministry, also seeks to ensure "effective implementation" of the Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013.

Once a complaint is submitted to the 'SHe-Box', it will be directly sent to the internal complaints committee (ICC) of the ministry/department/PSU/autonomous body etc concerned, having jurisdiction to inquire into the matter.

The ICC will take action as prescribed under the Act and update the status of the complaint.

The portal is also an effort to provide "speedier remedy" to women facing sexual harassment at the workplace, as envisaged under the sexual harassment Act, a senior official of the ministry said.

The WCD minister also instructed officials to make the portal as "interactive" as possible.

The portal should offer a list of follow-up details so that the employee gets to know the exact status of the complaint, she told officials.

The Union government has 30.87 lakh employees. According to the Census of Central Government Employees 2011, women constitute 10.93 per cent of the total force.

"To begin with, central government women employees can file complaints, but we are going to widen the ambit to include the private sector as well," she said.

"We just need to make a few changes in our online interface. Once it is done, employees from private companies would also be able to lodge complaints," Gandhi added.

The decision to host an online platform for sexual harassment cases was taken by the WCD Ministry in October last year after the minister received complaints from women employees in various ministries.

Interacting with reporters later, Gandhi said, "If the internal complaints committees (on sexual harassment) is working, then we are out of the picture totally."

"But people, who will come to us, are those women employees who work where there are no committees or there's one for the sake of it or composed of people who are outrightly negative," she said.

The sexual harassment Act mandates that all workplaces with more than 10 workers constitute an internal complaints committee for receiving complaints of sexual harassment.

"We are not treading on anybody's toes. The idea of this portal is to remedy the cases before they reach the level where legal action may be warranted," the minister told reporters.

Gandhi also asked officials to include a section in the portal where complainants can "vent" their grievances.

On the proposed pan-India survey, she said the idea was initiated after an NGO came up with a small-scale study on women-related matters.

"We will put up the survey on out portal as well as our Facebook page and Twitter handle to reach out to as many people as possible," Gandhi said.

The minister also said the definition of what constitutes a case of sexual harassment must be made available on the portal.

"Some people say installation of CCTV cameras is a harassment. So, we need to to define it so that there are no frivolous cases," she added.

The senior official said, "The survey would be conducted both online and offline and the ministry will collaborate with organisations which have worked on this subject.

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मिड डे मील के लिए थोक में आलू खरीदेगा डीईओ दफ्तर

डिप्टी डीईओ को नियुक्त किया नोडल अफसर

आदेशों को सख्ती से लागू करने की हिदायतें दीं

राजीव शर्मा | फरीदकोट
राज्यके डायरेक्टर जनरल स्कूल शिक्षा कम स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर सर्व शिक्षा अभियान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी ऐलिमेंटरी को लिखित पत्र जारी करते हुए अपने जिले से स्कूलों में चल रही मिड डे मील के लिए मांग के मुताबिक थोक में आलू की खरीद करने और उसे स्कूलों तक पहुंचाने के आदेश जारी किए हैं। वहीं इस क्रिया को हर दो सप्ताह के बाद दोहराने समेत आलू खरीद से लेकर उसे स्कूल पहुंचाने तक होने वाले खर्च को स्कूलों को मिलने वाली प्रति स्टूडेंट्स कुकिंग कास्ट से काटने की हिदायतें दी गई हैं।
डीजीएसई ने राज्य के तमाम डीईओ(स) डीईओ(ए) को लिखे पत्र में कहा कि मिड डे मील के हफ्तावारी मीनू की पड़ताल के दौरान सामने आया है कि हर हफ्ते 3 से 4 दिन बच्चों को परोसे जाने वाले खाने में आलू का उपयोग किया जाता है जिसे अन्य सब्जियों की तरह ही खुदरा दुकानों से महंगे भावों पर खरीदा जा रहा है। मिड डे मील के तहत प्राइमरी क्लासों के बच्चों के लिए 4.13 रुपए अपर प्राइमरी क्लासों के बच्चों के लिए 6.18 रुपए कुकिंग कास्ट दी जाती है और कई बार आलू की कीमत ज्यादा बढ़ जाने से स्कूलों को मिड डे मील चलाने में दिक्कत पेश आती है।
ऐसे हालात में विभाग महसूस करता है कि थोक में आलू खरीदकर उसे स्कूलों तक पहुंचाया जा सकता है जिससे पैसे की बचत होगी और बचत वाले पैसे से भोजन को और पौष्टिक स्वादिष्ट बनाने का प्रबंध किया जा सकता है। इस पत्र के अनुसार हर जिले के डिप्टी डीईओ को इस कार्य को सफल बनाने के लिए नोडल अफसर नियुक्त किया है और इन आदेशों को सख्ती से लागू करने की हिदायतें दी है।

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Teachers News / govt bans retirement parties in schools
« on: July 21, 2017, 04:25:50 PM »
ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸਕੂਲਾਂ 'ਚ ਮਾਸਟਰਾਂ ਦੀਆਂ ਰਿਟਾਇਰਮੈਂਟ ਪਾਰਟੀਆਂ 'ਤੇ ਰੋਕ

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सरकारी स्कूलों में टीचर कैसे पढ़ाते हैं, इंस्पेक्शन होगी

स्टूडेंट की फर्जी अटेंडेंस लगी तो एफिलिएशन रद्द होगी

सिलेबस की टीचर पहले खुद तैयारी करेगा फिर पढ़ाएगा, शिक्षा विभाग पढ़ाने की ट्रेनिंग भी देगा

अंकित शर्मा | जालंधर
सरकारीस्कूलों में एजुकेशन के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें शिक्षकों द्वारा पढ़ाने का तरीका, ट्रेनिंग की प्रक्रिया से लेकर इंस्पेक्शन को पहल के आधार पर बदलने का प्लान है। अब कोई भी शिक्षक बिना तैयारी कोई सबजेक्ट उसका पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाएगा। उन्हें पहले खुद तैयारी करके आना होगा। यही नहीं बच्चों को बताना होगा कि वह कल कौन-सा टॉपिक पढ़ेंगे।
विषयों में बच्चों की उत्सुकता बढ़ाने के लिए उन्हें टॉपिक के बारे में खोजबीन करने को कहें ताकि अगले दिन जब बच्चे आएं तो उनके जहन में भी सवाल हों। चाहे वो होमवर्क के रूप में ही क्यों हो।
शिक्षक फिर टॉपिक के जरिए बच्चों को खुद से कनेक्ट करेंगे। शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने इसे लेकर कहा था कि अभी तक या तो शिक्षक खुद केवल किताब से पढ़कर टॉपिक सुना देता था या फिर बच्चे से पढ़वा दिया। अब यह सब बंद करना होगा। बाकायदा टीचर के पढ़ाने की तकनीक की भी इंस्पेक्शन होगी। इंस्पेक्शन टीम में सिलेक्शन अब सिफारिश पर नहीं बल्कि पैनल इंटरव्यू से होगी। उसके बाद प्रोग्राम अनुसार ट्रेनिंग भी होगी। चैकिंग में सैटिस्फेक्शन क्वालिटी प्रोग्राम, जो शिक्षक बेहतर काम करते हैं उनको मोटिवेट करना उन्हें आने वाले प्रॉब्लम्स को भी दूर करवाने में योगदान देना है, ताकि पढ़ाने के लिए स्कूलों में बेहतर वातावरण दिया जा सके।
सुधारके लिए प्राइमरी लेवल में आज देंगे सुझाव :राज्य सरकार की तरफ से सूबे में प्राइमरी शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य स्तरीय एक दिवसीय वर्कशाप 21 जुलाई को पंजाब स्कूल एजुकेशन स्कूल शिक्षा बोर्ड के आडिटोरियम में होगी। वर्कशाप में मंडल शिक्षा अधिकारी (सीईओ), जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), डिप्टी डीईओ, डाइट प्रिंसिपल, ब्लाक प्राइमरी एजुकेशन अफसर (बीपीईओ) और सभी जिलों में तैनात रिसोर्सपर्सन इसमें शामिल होंगे। इसमें डिस्कशन करके प्राइमरी लेवल से ही शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे। ताकि मिडिल सेकेंडरी स्तर पर गिरते नतीजों को भी सुधारा जा सके।
शिक्षा विभाग को शिकायतें मिली हैं कि 11वीं 12वीं साइंस ग्रुप के स्टूडेंट्स विभिन्न स्कूलों में दाखिला तो ले लेते हैं, पर एक ही समय ट्यूशन के लिए कोचिंग सेंटर या चंडीगढ़ में रह कर कोचिंग लेते हैं। ऐसे में स्कूल की तरफ से उन स्टूडेंट्स को गलत ढंग से हाजिर दिखाया जाता है। ऐसा करके संस्थाओं की तरफ से एफिलिएशन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। सरकारी, एडिड, प्राइवेट, एसोसिएट एफिलिएटेड स्कूल मुखी केवल हाजिर स्टूडेंट्स की अटेंडेंस ही देंगे। ऐसे में इंस्पेक्शन या किसी तरह नियमों के विरुद्ध चलने का कोई मामला सामने आया तो कार्रवाई की जाएगी। एफिलिएशन तक रद्द की जा सकती हैं।

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प्रॉपर्टी टैक्स में 10 फीसदी वृद्धि की तैयारी, 125 गज तक के मकान भी आएंगे दायरे में

निगमों की हालत खराब |आमदन और खर्च में गैप बढ़ा

कैबिनेट मीटिंग में सकता प्रस्ताव, 150 करोड़ से ज्यादा रेवेन्यू जुटाएगी सरकार

पंजाबसरकार ने अब प्रॉपर्टी टैक्स में करीब दस फीसदी इजाफा करने की तैयारी शुरू कर दी है। चंडीगढ़ में होने वाली आगामी कैबिनेट मीटिंग में लोकल बॉडीज के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सतीश चंद्रा इस संबंध में प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही अकाली भाजपा सरकार की ओर से कुछ कैटेगरी को दी गई रियायतों पर भी कैंची चलना तय है। वहीं 125 गज तक के मकानों को मिल रही प्रॉपर्टी टैक्स की माफी को खत्म किया जा सकता है। नगर निगम ने भी सरकार की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफा करने को मांगे गए ब्यौरे की रिपोर्ट भी तैयार कर भेज दी है। जिसके अनुसार शहर में 50 से 125 गज तक के करीब एक लाख प्रॉपर्टी हैं। प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही कांग्रेस सरकार प्रॉपर्टी टैक्स की दरों को रिवाइव कर पूरे पंजाब भर से 150 करोड़ से अधिक आमदन करने की प्लानिंग में है, जिसमें केवल लुधियाना नगर निगम से 50 करोड़ रुपए आने की संभावना है। अभी निगम को सालाना 65 करोड़ रुपए प्रॉपर्टी टैक्स से आमदन है, जो नई दरों के लागू होने के बाद 115 करोड़ रुपए का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रदेश में नगर निगमों की आर्थिक हालत इतनी खराब हो चुकी है कि डेवलपमेंट करवाना तो दूर स्टाफ की सैलरी तक निकालना मुश्किल हो गया है। निगम में हर महीने आमदन खर्च के ग्राफ में पांच करोड़ से अधिक का गैप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में आमदन में बढ़ोतरी करने की सरकार प्लानिंग में है।
^आगामी कैबिनेट मीटिंग में प्रॉपर्टी टैक्स की दरों में बदलाव को प्रस्ताव रखा जाएगा। विधानसभा चुनाव से पहले प्रॉपर्टी टैक्स की कुछ रियायतों को नर्म कर कुछ कैटेगरी को फायदा दिया गया था। इसके साथ साथ माफी में आते रिहायशी यूनिट पर भी कुछ एकमुश्त टैक्स लगा स्मार्ट सिटी की शर्तों को भी पूरा किया जाना है। -सतीशचंद्रा, एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, लोकल गर्वमेंट
^ हमनेरिपोर्ट सबमिट कर दी है | सरकारने प्रॉपर्टी टैक्स में बदलाव को हमसे रिपोर्ट मांगी गई थी, जो सरकार को सबमिट कर दी गई है। अब इसके बदलाव का फैसला सरकार ने लेना है। -विवेकवर्मा, सुपरिटेंडेंट नगर निगम

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रिटायरमेंट के दिन ही मिलेगा पीएफ और पेंशन का पैसा
नई दिल्ली | अबरिटायरमेंट के दिन ही पीएफ और पेंशन का पैसा मिलेगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को सेवानिवृति के दिन ही पेंशन का निपटान करने का निर्देश जारी किया है। यह जानकारी श्रम मंत्री बंडारू दात्तात्रेय ने दी।

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