Author Topic: तनाव पर विजय.......  (Read 720 times)

RAAJIV MAHAJAN

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तनाव पर विजय.......
« on: December 09, 2013, 11:05:13 PM »
तनाव पर विजय........मानव जीवन असीम ऊर्जा का भंडार है। यह ऊर्जा जब नकारात्मक मामलों में खपने लगती है और रचनात्मकता का ह्रास होने लगता है, तब तनाव का जन्म होता है। आज तनाव हमारी सोच का अंग बन गया है। कुछ लोग इसे अपना साथी बनाकर अपने साथ बनाए रखने में भरोसा करते हैं और अकारण ही तनावग्रस्त रहते हैं। मनोचिकित्सकों के अनुसार, कई प्रकार के मनोरोग जैसे-चिन्ता, डिप्रेशन, हिस्टीरिया, पैनिक, डिसऑर्डर आदि के पीछे मुख्य कारण मानसिक तनाव है। तनाव कई कारणों से जन्म लेता है। इसके पीछे शारीरिक व मानसिक दोनों कारण हो सकते हैं। यह कैसे ज्ञात हो कि अमुक तनावग्रस्त है? इस संदर्भ में मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जब हमारी मांसपेशियां थकने लगें, आलस्य व तंद्रा घेरने लगे, कभी भी और किसी भी समय चिंता उठने लगे तो समझ लेना चाहिए कि हम तनाव की गिरफ्त में हैं। वस्तुत: तनाव जीवन-शैली नहीं है, यह हमारे शरीर, मन संवेदनाओं और ऊर्जा को व्यवस्थित न कर पाने की अयोग्यता का नतीजा है। तनाव व्यक्ति को अवसादग्रस्त कर देता है। यह सच है कि तनाव और भय के बीच बड़ा गहरा संबंध है। इसलिए तनावग्रस्त व्यक्ति भयवश धीरे-धीरे आत्मविश्वास खोने लगता है। उसे हर शख्स के प्रति शंका व संदेह घेरे रहता है। तनाव मुक्ति का सवरेत्तम साधन उचित मार्गदर्शन है, जिसके द्वारा व्यक्ति को उसकी विकृति से हटाकर किसी रचनात्मक कार्य में लगाया जाता है। यह सुविधा पहले अपने परिवार व बुजुर्र्गो के सान्निध्य में सहजता से प्राप्त हो जाती थी, पर इस परंपरा के टूटने के बाद आज इसे साइकोथेरेपी और काउंसलिंग के नाम से जाना जाता है। तनाव मुक्ति के लिए जीवन में ऐसी छोटी-छोटी चीजों की तलाश करना चाहिए, जो हमें प्रसन्नता दे सकें
-तनाव मुक्त जीवन के लिए हास्य का विशेष महत्व है।
-योग, प्राणायाम और ध्यान को अपने दिनचर्या का अंग बनाएं, योग निद्रा ,प्रेक्षा ध्यान,अनुलोम विलोम प्राणयाम ,सांसों पर ध्यान का अभ्यास, इसमें विशेष उपयोगी हैं
-प्रतिदिन कुछ मिनट ध्यान करने से मन को शांति मिलती है। इससे मानसिक, भावनात्मक व शारीरिक राहत महसूस होगी।
-नौकरी करते हैं, तो छुट्टियों में आराम करके तरो-ताजा हो जाएं।
-कोई भी फोन करने से पहले मन में भलीभांति सोच लें कि क्या बातें करनी हैं, तुरन्त हा ना कहते हुए सोचकर जवाब दें।
-मन उचटाने वाली गतिविधियों से दूर रहें।
-संगीत को जीवन का हिस्सा बनाए।
-अपनी रूचि Hobbies बढ़ाए, जिससे जीवन में रचनात्मकता आए।
-कपट छल प्रपंचना से बचने के लिए भी तनाव मन में डर के कारण कि कहीं ये बातें खुल ना जायें टैंशन हो जाती है। मन को, तन को, मस्तिष्क को, निर्मल रखिए। कथनी करनी में भेद नहीं उलझने समस्याऐं तो आज हर किसी के जीवन में रहती हैं। कायर पुरूष उनसे घबड़ा जाते हैं पुरुषार्थी उनसे सामना करके विजय पाते हैं।
-शाकाहार फलाहारी बने, तले, चटपटे, मसालेदार खाने के पदार्थ ना लें। गुटके, तम्बाकू, चाय, मदिरा, धूम्रपान सेहत के लिए घातक हैं, हवा, जल, धूप, बागवानी श्रेष्ठ है।
ये ऐसे सफल उपाय हैं जिनका उपयोग सभी के द्वारा किया जा सकता है। जीवन जीना एक कला है और इस कला को बड़ी कुशलता से जीना चाहिए, जिसे जीवन जीने की यह कला आ गई, वह कभी तनावग्रस्त नहीं होगा। तनाव को अपने पास मत फटकने दें तो सुखी जीवन की राह अपने आप खुल जाएगी। सुख का यही आधार है

 

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