Author Topic: Char Dham  (Read 3654 times)

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Re: Char Dham
« Reply #10 on: May 17, 2015, 06:54:05 AM »
धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है चारधाम यात्रा

गढ़वाल। मंगलवार को 1298 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। वहीं 2400 तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर मंदिर में पूजा अर्चना की। यात्रा शुरू होने के बाद से ही यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मंगलवार दोपहर 12 बजे तक सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए 1163 तीर्थयात्री व 333 घोड़े खच्चर रवाना हुए। दूसरी ओर 266 यात्री केदारनाथ के दर्शनों के बाद सोनप्रयाग वापस लौट आए। प्रतिदिन केदारनाथ आने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंगलवार को पूरे दिनभर 1298 यात्रियों ने केदारनाथ पहुंच कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कपाट खुलने से लेकर अब तक कुल 24148 श्रद्धालु केदार बाबा के दर्शन कर चुके हैं। हवाई सेवा से अब तक लगभग आठ हजार तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शनों को पहुंच चुके हैं। केदार मंदिर की आय भी 40 लाख 41 हजार के करीब पहुंच गई है। दूसरी ओर बदरीनाथ धाम की यात्रा भी धीरे धीरे रफ्तार पकड़ रही है। बदरीनाथ धाम में अभी तक 43 हजार से अधिक देशी विदेशी यात्री पहुंच चुके हैं। मंगलवार को साफ मौसम के बीच यात्रियों के आने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। दिनभर मंदिर में 2400 यात्रियों ने दर्शन व पूजा अर्चना की। यात्रियों ने तप्तकुंड में पवित्र स्नान भी किया। बदरी विशाल के दर्शन करने के बाद 500 से अधिक श्रद्धालु देश के अंतिम गांव माणा भी पहुंचे। यहां पर श्रद्धालुओं ने सरस्वती नदी में पवित्र स्नान भी किया। इसके अलावा गणोश गुफा, व्यास गुफा, भीम पुल, बसुधारा के दर्शन भी किए। बदरीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल तीर्थ में भी यात्रियों ने पितरों का पिंडदान व तर्पण किया। -Publish Date:Wed, 13 May 2015 01:16 PM (IST)
« Last Edit: May 17, 2015, 07:04:00 AM by SHANDAL »

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Re: Char Dham
« Reply #11 on: May 26, 2015, 10:05:10 AM »
30 दिन में 50 हजार यात्री पहुंचे केदारनाथ Publish Date:Mon, 25 May 2015 02:55 PM (IST) | Updated Date:Mon, 25 May 2015 03:02 PM (IST) -

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ के कपाट खुले ठीक एक महीना हो गया है। तीस दिनों में पचास हजार से अधिक यात्री दर्शनों को पहुंचे, यात्रियों की संख्या में बढ़ोत्तरी से पूरी केदारघाटी काफी उत्साहित है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। विगत वर्ष की बात करें तो कपाट खुलने के एक माह के भीतर मात्र 16 हजार यात्री ही केदारनाथ दर्शनों को पहुंचे थे। यात्रियों की संख्या में इजाफा होने से व्यापार भी पटरी पर लौटने लगा है। इस बार केदारनाथ यात्रा में सरकार व प्रशासन की अपेक्षा से कई गुना यात्री दर्शनों को पहुंच रहे हैं। इससे आम यात्री तो खुश हैं, लेकिन प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं। इसका कारण यह है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने से केदारनाथ समेत पैदल मार्ग पर यात्र पड़ाव में यात्रियों के रहने व खाने की व्यवस्थाएं बढ़ानी होंगी। आपदा से पहले की बात करें तो यात्रा के शुरुआती महीने में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या लाखों में रहती थी। एक माह में यात्रियों का आंकड़ा दो से ढ़ाई लाख के पार पहुंच जाता था, जिससे मंदिर समिति को अच्छी खासी आय भी प्राप्त हो जाती थी। वर्ष 2013 में आई केदारनाथ आपदा से एक माह पहले 3,10,615 यात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके थे, जिसके ठीक एक माह बाद 16 जून को केदारनाथ आपदा आ गई। वर्ष 2014 में एक माह में कुल 16,610 यात्री ही केदारनाथ दर्शनों को पहुंचे थे। पिछले वर्ष यात्रियों की संख्या प्रतिदिन न्यूनतम 50 एवं अधिक 500 के पार नहीं पहुंच सकी। बरसात के बाद तो स्थिति और भी खराब हो गई। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बद्री-केदार मंदिर समिति की आय में भी तेजी से इजाफा हो रहा है। आपदा के बाद से मंदिर समिति को काफी नुकसान ङोलना पड़ा था। यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले तीन दिनों में 21 मई को 2909, 22 मई को 3374 एवं 23 मई को 3261 यात्री बाबा के दर्शन कर चुके हैं। कपाट खुलने से अब तक 50,318 तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन को भी यह उम्मीद नहीं थी कि इतनी संख्या में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने से एक ओर जहां मंदिर समिति को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। स्थानीय व्यापार भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। क्ष्स वर्ष 50 हजार से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। विशेष पूजा कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर समिति ने विशेष पैकेज तैयार किया हुआ है। यात्रियों के बढ़ने से मंदिर समिति को भी अच्छी आय प्राप्त हो रही है। बीडी सिंह, मुख्य कार्याधिकारी बद्री-केदार मंदिर समिति।

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Re: Char Dham
« Reply #12 on: May 26, 2015, 10:07:57 AM »
साढ़े चार हजार श्रद्धालु पहुंचे बदरीनाथ धाम, किए दर्शन

Publish Date:Mon, 25 May 2015 02:43 PM (IST) | Updated Date:Mon, 25 May 2015 02:45 PM (IST)
साढ़े चार हजार श्रद्धालु पहुंचे बदरीनाथ धाम, किए दर्शन


बदरीनाथ। श्री बदरीनाथ धाम में दिनभर साफ मौसम के बीच श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। रविवार को 4500 श्रद्धालुओं ने बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की। चमोली के जिला जज आलोक कुमार वर्मा ने भी बदरीनाथ धाम पहुंचकर मंदिर में पूजा अर्चना की।

संसदीय राजभाषा समिति की पहली उप समिति व लोकसभा के नौ सांसदों सहित पांच अधिकारियों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। बदरीनाथ के दर्शन करने वाले सांसदों में सत्यव्रत चतुर्वेदी, अजय मिश्र, ताम्रध्वज साहू, संतोष अहलावत शामिल थे। इन सांसदों ने अलग अलग समय पर मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। उसके बाद इन सांसदों ने औली पहुंचकर यहां के प्राकृतिक नजारों का भी लुफ्त उठाया। बदरीनाथ धाम में उत्तरकाशी के ग्राम रौतेल के श्रद्धालुओं की ओर से श्रीमद्भागवत महापुराण का आयोजन भी किया जा रहा है।
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« Last Edit: May 26, 2015, 10:09:29 AM by SHANDAL »

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« Reply #13 on: May 27, 2015, 07:33:44 AM »

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Re: Char Dham
« Reply #14 on: May 31, 2015, 11:11:19 AM »
बदरीनाथ। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि पौराणिक ज्योतिषपीठ ज्योतिर्मठ में नहीं, अपितु नृसिंह मंदिर परिसर में है
। इसीलिए आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद नृसिंह मंदिर परिसर में रखी जाती है। छह माह तक श्रद्धालु वहीं पूजा अर्चना करते हैं। बदरीनाथ धाम के प्रवास पर आए शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार चारधाम यात्रा को मात्र आर्थिकी बढ़ाने के नजरिए से देख रही है। जो शास्त्र और धर्म के विरुद्ध है। शंकराचार्य ने कहा कि वर्षभर चार धाम की यात्रा भी धर्मसम्मत नहीं है। जब धर्म के विरुद्ध कार्य किया जाता है तभी आपदा, अकाल, भय आदि के रूप में दुष्परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने गंगा की स्वच्छता को लेकर कहा कि गंगा की सफाई घाटों की सफाई करने से नहीं होगी, बल्कि गंगा की अविरल धारा को स्वच्छ रखने से होगी। शंकराचार्य आश्रम में श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया। इससे पहले शंकराचार्य ने शेषनेत्र स्थित आश्रम में बने मणि रत्नेश्वर महादेव की पूजा अर्चना में भाग लिया। इस अवसर पर स्वामी रामानंद ब्रह्मचारी, मंदिर समिति के पूर्व सदस्य दिनकर बाबुलकर भी मौजूद थे।
« Last Edit: May 31, 2015, 11:12:25 AM by SHANDAL »

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« Reply #15 on: June 04, 2015, 11:22:40 AM »

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« Reply #16 on: June 19, 2015, 06:54:55 AM »

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« Reply #17 on: June 21, 2015, 05:36:13 AM »

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« Reply #18 on: June 26, 2015, 05:15:46 AM »

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« Reply #19 on: June 26, 2015, 07:14:19 AM »

 

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