Author Topic: स्वास्थ्य विभाग में सर्कुलर जारी मांगा कर  (Read 355 times)

sheemar

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जुर्माना लगा तो पंजाब के डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेजने मांगा कर्मचारियों से शपथ पत्र
न तरक्की मांगेंगे न हाईकोर्ट जाएंगे

सुरजीत सिंह सत्ती
चंडीगढ़। तरक्की की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के ड्राइवर की याचिका पर जुर्माना क्या लगा, पंजाब के डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज बौखला गए हैं। जुर्माना लगने के बाद डायरेक्टर ने समूचे स्वास्थ्य विभाग में सर्कुलर जारी कर कर्मचारियों से शपथ पत्र मांग लिया है। शपथपत्र में लिखवाया गया है कि वह तरक्की नहीं मांगेंगे और न ही हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। यह खुलासा एक मामले में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दी गई अर्जी में किया गया है।
पिछले दस सालों से पीबीएक्स ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे इकबाल सिंह व अन्य ने चौथा दर्जा कर्मचारियों की ओर से एक याचिका दायर की हुई है। उनकी ओर से दायर की गई एक अर्जी में कहा गया है कि डायरेक्टर ने डीएचएस कार्यालय एवं राज्य के सभी सिविल सर्जनों को सर्कुलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पंजाब के सैकड़ों चौथा दर्जा कर्मचारियों से शपथ पत्र मांगें कि वह तरक्की की मांग नहीं करेंगे। इस पर पीबीएक्स कर्मचारियों ने डायरेक्टर को जवाब दिया कि वे तरक्की के मामले मेें पहले ही हाईकोर्ट पहुंच चुके हैं। इसलिए शपथ पत्र नहीं दे सकते।
उनके जवाब से खफा डीएचएस ने इन कर्मचारियों का तबादला कर दिया। तबादले रद्द करने और शपथ पत्र का दवाब न बनाने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने एडवोकेट मोहिंदर सिंह जोशी के माध्यम से अर्जी दायर कर दी।
इसमें कहा है कि शपथ पत्र दुर्भावनापूर्ण तरीके से लिए जा रहे हैं। क्योंकि, हाईकोर्ट ऐसे ही मामले में डीएचएस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगा चुकी है।
ऐसे लगा था जुर्माना
स्वास्थ्य मंत्री के ड्राइवर के तौर पर कई सालों से काम कर रहे बलजीत सिंह ने याचिका दायर कर कहा था कि उसे रिकॉर्ड में चौथा दर्जा कर्मचारी ही रखा गया है। दूसरे विभागों में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे चौथा दर्जा कर्मचारियों को ड्राइवर का वेतनमान दिया जा चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग उसे बढ़ा वेतनमान नहीं दे रहा। विभाग ने याचिका के जवाब में कहा था कि स्वास्थ्य विभाग में ऐसा नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा था कि विभाग हाईकोर्ट को गुमराह कर रहा है। साथ ही डीएचएस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए बलजीत सिंह को ड्राइवर का वेतनमान देने का आदेश दिया था।
बेंच ने तबादले कर दिए रद्द
यह अर्जी जस्टिस आरएन रैना की बेंच के समक्ष आई, तो उन्होंने डीएचएस के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया और कर्मचारियों के तबादले तुरंत रद्द कर दिए। इसके साथ ही डीएचएस को प्रतिवादी बनाते हुए निजी तौर पर पेश होने का निर्देश दिया है। निर्देश में स्पष्ट किया है कि डीएचएस अपने खर्च पर ही पैरवी करेंगे। सरकार उनकी पैरवी का खर्च वहन नहीं करेगी। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी।


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